Hindi Quotes part 2

दोस्तों , हिंदी उद्धरण पर किसी भी व्यक्ति या संस्था का कॉपीराइट नहीं होता अतः मैंने विभिन्न जगहों से आप के लिए ही संकलित किया है आप स्वतंत्र हैं इन उद्धरणों का उपयोग करने के लिए …..अपने विकास के लिए इन्हे मनचाहे रूप में उपयोग में लीजिये ..मेरा सिर्फ उद्देश्य है आपका व्यक्तिगत सम्पूर्ण विकास ..

Q: In always wanting to be comfortable, you become lazy.In always wanting perfection, you become angry.In always wanting to be rich, you become greedy.
हिंदी में : हमेशा आराम की चाहत में , तुम आलसी हो जाते हो. हमेशा पूर्णता की चाहत में तुम क्रोधित हो जाते हो.हमेशा अमीर बनने की चाहत में तुम लालची हो जाते हो.
Sri Sri Ravi Shankar श्री श्री रवि शंकर
Q0: Wise is the one who learns from another´s mistakes. Less wise is the one who learns only from his own mistakes. The fool keeps making the same mistakes again and again and never learns from them.
हिंदी में : बुद्धिमान वो है जो औरों की गलती से सीखता है. थोडा कम बुद्धिमान वो है जो सिर्फ अपनी गलती से सीखता है.मूर्ख एक ही गलती बार बार दोहराते रहते हैं और उनसे कभी सीख नहीं लेते.
Sri Sri Ravi Shankar श्री श्री रवि शंकर
हिंदी में :मनुष्य तब तक शक्तिशाली है जब तक वह किसी शशक्त योजना का प्रतिनिधित्व करता है , और जब वह इसका विरोध करता है तो निर्बल हो जाता हैं.
Sigmund Freud सिगमंड फ्रायड
Q0: Yes, America is gigantic, but a gigantic mistake.
हिंदी में :हाँ, अमेरिका बहुत बड़ा है, लेकिन एक बहुत बड़ा दोष.
Sigmund Freud सिगमंड फ्रायड

Q:Neither in this world nor elsewhere is there any happiness in store for him who always doubts.
हिंदी में : सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में है ना ही कहीं और .
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Delusion arises from anger. The mind is bewildered by delusion. Reasoning is destroyed when the mind is bewildered. One falls down when reasoning is destroyed.
हिंदी में : क्रोध से भ्रम पैदा होता है. भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है. जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता है. जब तर्क नष्ट होता है तब व्यक्ति का पतन हो जाता है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: The power of God is with you at all times; through the activities of mind, senses, breathing, and emotions; and is constantly doing all the work using you as a mere instrument.
हिंदी में : मन की गतिविधियों, होश, श्वास, और भावनाओं के माध्यम से भगवान की शक्ति सदा तुम्हारे साथ है; और लगातार तुम्हे बस एक साधन की तरह प्रयोग कर के सभी कार्य कर रही है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: The wise sees knowledge and action as one; they see truly.
हिंदी में : ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है, वही सही मायने में देखता है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: The mind acts like an enemy for those who do not control it.
हिंदी में : जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Perform your obligatory duty, because action is indeed better than inaction.”
हिंदी में : अपने अनिवार्य कार्य करो, क्योंकि वास्तव में कार्य करना निष्क्रियता से बेहतर है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Sever the ignorant doubt in your heart with the sword of self-knowledge. Observe your discipline. Arise.
हिंदी में : आत्म-ज्ञान की तलवार से काटकर अपने ह्रदय से अज्ञान के संदेह को अलग कर दो. अनुशाषित रहो . उठो.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Man is made by his belief. As he believes, so he is.
हिंदी में : मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Hell has three gates: lust, anger, and greed.
हिंदी में :नर्क के तीन द्वार हैं: वासना, क्रोध और लालच.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q0: There is nothing lost or wasted in this life.
हिंदी में : इस जीवन में ना कुछ खोता है ना व्यर्थ होता है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: The mind is restless and difficult to restrain, but it is subdued by practice.
हिंदी में : मन अशांत है और उसे नियंत्रित करना कठिन है, लेकिन अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: People will talk about your disgrace forever. To the honored, dishonor is worse than death.
हिंदी में : लोग आपके अपमान के बारे में हमेशा बात करेंगे. सम्मानित व्यक्ति के लिए , अपमान मृत्यु से भी बदतर है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: To the illumined man or woman, a clod of dirt, a stone, and gold are the same.
हिंदी में : प्रबुद्ध व्यक्ति के लिए, गंदगी का ढेर, पत्थर, और सोना सभी समान हैं.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Creation is only the projection into form of that which already exists.
हिंदी में : निर्माण केवल पहले से मौजूद चीजों का प्रक्षेपण है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: One can become whatever one wants to be if one constantly contemplates on the object of desire with faith.
हिंदी में : व्यक्ति जो चाहे बन सकता है यदी वह विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर लगातार चिंतन करे.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Fear not what is not real, never was and never will be. What is real, always was and cannot be destroyed.
हिंदी में : उससे मत डरो जो वास्तविक नहीं है, ना कभी था ना कभी होगा.जो वास्तविक है, वो हमेशा था और उसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: The wise should not unsettle the mind of the ignorant who is attached to the fruits of work.
हिंदी में : ज्ञानी व्यक्ति को कर्म के प्रतिफल की अपेक्षा कर रहे अज्ञानी व्यक्ति के दीमाग को अस्थिर नहीं करना चाहिए.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: The faith of each is in accordance with one’s own nature.
हिंदी में : हर व्यक्ति का विश्वास उसकी प्रकृति के अनुसार होता है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Death is as sure for that which is born, as birth is for that which is dead. Therefore grieve not for what is inevitable.
हिंदी में : जन्म लेने वाले के लिए मृत्यु उतनी ही निश्चित है जितना कि मृत होने वाले के लिए जन्म लेना. इसलिए जो अपरिहार्य है उस पर शोक मत करो.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q0: Unnatural work produces too much stress.
हिंदी में : अप्राकृतिक कर्म बहुत तनाव पैदा करता है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Setting aside all noble deeds, just surrender completely to the will of God. I shall liberate you from all sins. Do not grieve.
हिंदी में : सभी अच्छे काम छोड़ कर बस भगवान में पूर्ण रूप से समर्पित हो जाओ. मैं तुम्हे सभी पापों से मुक्त कर दूंगा. शोक मत करो.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Much better to do one’s own work even if you have to do it imperfectly than it is to do somebody elses work perfectly.
हिंदी में : किसी और का काम पूर्णता से करने से कहीं अच्छा है कि अपना काम करें , भले ही उसे अपूर्णता से करना पड़े.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: I give the knowledge, to those who are ever united with Me and lovingly adore Me.
हिंदी में : मैं उन्हें ज्ञान देता हूँ जो सदा मुझसे जुड़े रहते हैं और जो मुझसे प्रेम करते हैं.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: I look upon all creatures equally; none are less dear to me and none more dear. But those who worship me with love live in me, and I come to life in them.
हिंदी में : मैं सभी प्राणियों को सामान रूप से देखता हूँ; ना कोई मुझे कम प्रिय है ना अधिक. लेकिन जो मेरी प्रेमपूर्वक आराधना करते हैं वो मेरे भीतर रहते हैं और मैं उनके जीवन में आता हूँ.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: A Self-realized person does not depend on anybody except God for anything.
हिंदी में : प्रबुद्ध व्यक्ति सिवाय ईश्वर के किसी और पर निर्भर नहीं करता.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: One attains the eternal imperishable abode by My grace, even while doing all duties, just by taking refuge in Me.
हिंदी में : मेरी कृपा से कोई सभी कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए भी बस मेरी शरण में आकर अनंत अविनाशी निवास को प्राप्त करता है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Q: Only the fortunate warriors, O Arjuna, get such an opportunity for an unsought war that is like an open door to heaven.
हिंदी में : हे अर्जुन, केवल भाग्यशाली योद्धा ही ऐसा युद्ध लड़ने का अवसर पाते हैं जो स्वर्ग के द्वार के सामान है.
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

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