कैसे शुरू करें अपना व्यवसाय : पार्टनरशिप फर्म

दोस्तों ,

बहुत से दोस्त जानना चाहतें हैं की किस तरह से अपना बिज़नेस स्टार्ट करें …तो दोस्तों आइये आपको इस पोस्ट में ये बताता हूँ की किस तरह अपना बिज़नेस शुरू करें ..यदि आपने सोच लिया है की क्या करना है ,क्या बिज़नेस स्टार्ट करना है तो आपको अगला कदम क्या लेना है आइये जानें….
बिज़नेस को मूर्त रूप देने के लिए सर्वप्रथम आपको एक नाम देना होगा ..unique और सिंपल ..जिसको सुनते ही पता लग जाए की आप करना क्या चाहते हैं ….
आशा है आपने नाम सोच लिया होगा ….
अब दूसरा कदम होगा इस नाम को अपने लिए रजिस्टर करना ….
यह depend करता है की आप बिज़नेस कैसे करना चाहते हैं …..
जैसे – स्वयं अर्थात Proprietorship
स्वयं तथा अन्य भी – १)पार्टनरशिप
२) प्राइवेट लिमिटेड
३) पब्लिक लिमिटेड .

भारत में Proprietorship का रजिट्रेशन जरुरी नहीं किन्तु अच्छा होगा की आप रजिस्टर करावें और टैक्स payee बनें.
संक्षेप में आज इस पोस्ट में पार्टनरशिप फर्म के रजिस्ट्रेशन के बारे में बताऊंगा …
पार्टनरशिप फर्म के लिए आपके स्वयं के अलावा एक अन्य व्यक्ति (minimum) होना चाहिए यह कोई भी हो सकता है आपका दोस्त आपकी वाइफ ,आपके परिवार से कोई भी माता, पिता, भाई, बेटा, बेटी या अन्य या एक सामान goal वाला व्यक्ति या फर्म .

आशा है आपने खूब सोच समझ कर अपना पार्टनर सोच लिया होगा ….

अब आपको “पार्टनरशिप डीड” तैयार करना होगा आपको सबसे पहले किसी अच्छे वकील से संपर्क करना होगा .यह डीड १००० रूपये के स्टाम्प पेपर पर बनता है ..नजदीकी स्टाम्प पेपर विक्रेता से १००० रूपये का तथा एक ५० रूपये (शपथ पत्र के लिए )का स्टाम्प पेपर खरीदें .१० रूपये अतिरिक्त देने पर आपको मिल जायेगा .पार्टनरशिप डीड बनवाने का खर्च लगभग १५०० रूपये आएगा .परन्तु यह फीस आपके वकील पर भी निर्भर करता है .ये ही भारतीय व्यवस्था है .
इसे नोटरी से सत्यापित करा लेवें.
एक बार डीड बन जाने के बाद सबसे पहले PAN के लिए अप्लाई कीजिये .इसमें १०६ रूपये फीस देना पड़ता है ऑनलाइन फॉर्म भी भर सकतें हैं किन्तु सबसे अच्छा है किसी एजेंट से संपर्क कर लेवें ….वह आपसे २५०-३०० रूपये लेगा परन्तु आपका कार्य आसानी से हो जायेगा ….
“यही विडम्बना है भारतीय व्यवस्था में ..”AGENT ” बहुत काम का आदमी होता है आपसे पैसा लेकर वह आपका काम चुटकियों में करा देता है जिससे आपको सरकारी कार्यालयों की दौड़ , समय दोनों की बचत होती है वरना आप स्वयं वह काम हफ़्तों या महीनो कभी कभी सालों में भी नहीं करा सकते अतः सिस्टम के इस व्यवस्था का लाभ अवश्य उठायें ”
PAN कार्ड आपके दिए गए पते पर १५ दिनों में पहुंच जायेगा परन्तु आप कूरियर बॉय के संपर्क में रहें क्युकि वर्तमान में यह आपको स्वयं कूरियर ऑफिस जाकर लेना होगा अन्यथा वापस कर दिया जाता है अड्रेस नहीं मिला यह लिख कर ….
इंटरनेट से पहले ही आप pan नंबर जान सकते है NSDL की साइट पर acknowledgement नंबर द्वारा .यह प्रिंट करा लें
आपने एफिडेविट बनाने के लिए ५० रूपये का स्टाम्प ख़रीदा था उस पर आप एफिडेविट बनवा लेवें ..इसका फार्मेट आपको TIN नंबर दिलाने वाले एजेंट से मिल जायेगा …..
अब आप रजिस्ट्रेशन करने के लिए तैयार हो जाइये …….

आप नीचे दिए हुए पेपर्स ले कर किसी भी नजदीकी सेल्स टैक्स वकील या एजेंट के पास जाएँ ….
१)पार्टनरशिप डीड की फोटोकापी
२)pan कार्ड को फोटो कॉपी
३)पार्टनर्स के ID और अड्रेस प्रूफ की फोटो कॉपी जैसे आधार कार्ड ,वोटर id , इलेक्ट्रिसिटी बिल इत्यादि
४)पार्टनर्स के दो -दो फोटोग्राफ
५)एफिडेविट
६) किसी सामान का क्रय बिल
७) दो TIN नंबर धारियों से उनके लेटरहेड पर आपका पहचान
आप अपने एजेंट से यह बताये की किस तरह का बिज़नेस आप करना चाहते हैं वह आपको सुझाव देगा की कौन से रजिस्ट्रेशन आपको कराने होंगे ….

अब आप इन्तजार कीजिये या कोई अन्य कार्य कर लीजिये //आपको २ से तीन दिन में TIN नंबर मिल जायेगा ..
इस प्रक्रिया में ३५००-४००० रूपये का खर्च आएगा .
सर्विस टैक्स के लिए २५००-३००० रूपये का खर्च आएगा
CST के लिए १००० -१५०० रूपये का खर्च आएगा …
TIN नंबर प्राप्त होते ही नजदीकी सरकारी बैंक में करंट अकाउंट (चालू खाता) खोलने के लिए आवेदन कर दें ..५००० -१०००० के मिनिमम बैलेंस पर खाता खुल जायेगा ..चेकबुक के लिए अप्लाई करें.. स्टेटमेंट प्रिंट करा के रख लेवें
इसी बीच एक गोल तथा एक पार्टनर की मुहर बनवा लेवें ….
लोकल अथॉरिटी में जाकर जैसे निगम में जाकर अन्य किसी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो तो करा लेवें ..अपने एजेंट से पूछे ….जैसे -गुमास्ता इत्यादि

Proprietorship में डीड नहीं बनती अतः आप स्वयं के पेपर्स और खाता नंबर ले जाकर एजेंट को दें …

अब आपको प्रिंटर के पास जाना होगा …
१) लेटरहेड डिज़ाइन व् प्रिंट करा लेवें
२)बिल बुक डिज़ाइन व् प्रिंट करा लेवें
३)विजिटिंग कार्ड डिज़ाइन व् प्रिंट करा लेवें
४)पेमेंट वाउचर डिज़ाइन व् प्रिंट करा लेवें
५)फ्लेक्स व् पम्पलेट डिज़ाइन व् प्रिंट करा लेवें
६) अखबारों और लोकल न्यूज़ में एड दीजिये ….

बस आप तैयार हैं आपके खुद के बॉस बनने का लिए …
आज बस इतना ही ..अगले किसी पोस्ट में बताऊंगा प्राइवेट लिमिटेड और पब्लिक लिमिटेड के बारे में ….इन्तजार कीजिये

और हाँ ..डोमेन name अवश्य रजिस्टर करें अपनी वेबसाइट के लिए …..

तो एन्जॉय योर सक्सेस .

आशा है इस पोस्ट से मेरे युवा साथियों को अवश्य लाभ होगा अपने विचार मुझे जरूर लिखें

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Santosh Pandey

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167 comments

  • rajneesh baghel

    Nice post sir it is very helpful post for those whowant to start there own business. nice

    Reply
    • sandeep maddheshiya

      Very nice post sir

      Reply
    • सर
      मय एक प्रकार गृहिणी किराणा उदोग चालू करना
      चाहता हु ईसके लिये और सलाह चाहिए

      Reply
      • सर
        मय एक प्रकार गृहिणी किराणा उदोग चालू करना
        चाहता हु ईसके लिये और सलाह चाहिए

        Reply
    • Ser Me tirupur saouth Me Bejnes krna chahte he patnar sip me to kiya karna parega

      Reply
  • KHEEK RAM SAHU

    Khud ka business start karne ke lia aur adhik sujhaw chahia

    Reply
    • aapko kis tarah ka business karna hai..aap apni ruchi ke anusaar aur apne karyakshetra me hi karen jo aap ko achhi tarah aata ho…ya lagan ho interest ho….

      Reply
      • Pravin dandge

        सर मै डँम के काँट्रेक्ट लेता हु और मुझे टिन नंबर प्राप्त करना है मुझे सलाह दिजीए

        Reply
      • Sanjeet kumar

        Mai cloth ka business karna chahta hun.

        Reply
      • Nitin

        Sir,
        Muje ek shop kholni hai is k liye muje kon kon se registration karate hoge.
        Sir please reply fast

        Reply
      • mohan shah

        sir ji tin nimber lene ke liye total kitna kharcha ayega

        Reply
  • KHEEK RAM SAHU

    I am NGO workar
    I want mor idea’s for success.

    Reply
  • md saheb

    सर मैं एक छोटा सा कपड़ा का दुकान किया हु
    और मैं चाहता हु की उसका टिन नम्बर लेने के लिए तो मैं क्या करु
    कृपया मुझे राय दे
    मैं बिहार से हु

    Reply
    • najdiki sales return bharne waale consultant se sampark karen….

      Reply
    • सर मैं एक छोटा सा कपड़ा का दुकान किया हु
      और मैं चाहता हु की उसका टिन नम्बर लेने के लिए तो मैं क्या करु
      कृपया मुझे राय दे

      Reply
  • Vinay Shankar

    मैं एक नया private limited company register कराया लेकिन एक भी लेन देन नहीं किया मुझे क्या करना चाहिये Jan 2016 से registered हैं उचित सलाह दे

    Reply
    • Aapne company shuru karne se pehle kuchh to socha hoga…aap sabse pehle apne goals re create karen…aur company ko chalu rakhne ke liye samay samay par kisi achhe CA se consult karen. ek baar goal clear karen …

      Reply
  • lalu ram PURBIYA

    nice post sir…..es post se sir muje bahut help milegi

    Thank you sir..

    Reply
  • Yogesh

    Sir me soft drink ki 1 company kholana chahata hu
    Muje kish department se resition or license Lena padega mp me

    Reply
    • Dear Mr. yogesh
      Here is list of compliance that would be applicable:

      FSSAI License under FSAI Act
      NOC for water pollution, air pollution and sound pollution
      Registration under factories act
      Registration for vat, sales tax

      Compliance as per the legal structure of your business
      Compliance under labour laws for pf, esic, etc
      These are certain basis legal provision that will be applicable .

      Reply
      • Naveen Rathore

        Sir me wrestling school (jisme students ko wrestling सिखाई जाती है) तो उसको लीगल तोर पे पे सरकार से केसा purmmison ले सकते हैं आपको बता दूँ हमारे पास पार्टनर भी हे और वकील अबी किया नहीं और investors भी हे और और जिस से हम प्रो wrestling Federation चालू कर ले purmmison aane पर
        और हमने unic bhi soch लिया कहना तो भौत कुछ हे
        9516180470 पे आप चाहो तो व्हाट्सऐप पर add kar sakte ho

        Reply
    • shaahnawaz

      hello yogesh sir

      please contact me

      my mobile – 9236962971

      state – u.p

      district – maunath bhanjan

      your contact number

      Reply
  • subhash chandra

    Sir mai semi stich caloth ke liye tin number lena hai ess bary mai addhik jankari dy

    Reply
    • Dear Subhash ji…najdiki sales tax agent se baat karen..wah aapko sabhi kharchon aur process ke baare me aapko bata dega aur kara bhi dega

      Reply
      • Gaurav

        Sir Mai banks ki franchise lena chahta hu jaise SBI ka Csp costumer service point ya aise hi pnb ka ya aur kisi bank ka

        Reply
  • Parveen kumar

    Sir me pan card ka nsdl company se apna parmanent office kholna chahata hu muje kiya krna hoga

    Reply
  • prashant sharma

    Sir mera ek ayurvadic store h jo mene 2015 me suru kiya tha ab m tin number le rha hu sir muze is bare m puri jankari chahiye thi ki muze kitna tax pay krna pdega 100000 per year pr or keshe sir mera tarnover 200000 per year ke aas pass h plz sir help me

    Reply
  • Sunil verma

    Sir kya ham online apni shop ka ragistrasion kara sakte hai ??

    Reply
  • simoyo

    sir
    saal m kitni sale tak tin number ki jarurat hoti h ya jaruri h.

    Reply
  • Sanjoo soni

    Sir mai jewellery ka business karna chahta hoo pls mughe advice de

    Reply
    • Dear Mr. Sanju…aap chahe to franchise le sakte hain ya khud ki shop daal sakte hain ..is disha me kaam kariye

      Reply
      • Sanjoo soni

        Sir mai jewellery ka buisness pehle se krta hoo lekin maine tin number nhi liya hai to uske liye mughe kya karna hoga? Sir kya mai aapse phone pe baat kr sakta hoo

        Reply
    • Dear, Aap franchise le le ya apni shop dalne ki disha me kaam karen..avasya saflata milegi

      Reply
  • Vinod kumar

    Sir. Maine khud ka restaurent khola hai.sir mughe tin no rasister karwana hai .fsssi ka laicence le lia hai .but ab tin nu lena hai.pls help me.

    Reply
  • Rajan Katariya

    Sir mujhe apni Firm ko Private Limited Bana hai.Sir iski kya process hai kirpiya puri jankari dijiye…..or is se kya fayda hoga…mai ek contractor hu .firm ke pas Jo ye registrasn hai…
    1) PAN CARD
    2)TIN
    3)SERVICE TAX
    4)EPF
    5CURRENT AC

    Reply
  • Hariom rahi

    goodmorning sir.
    mujhe tahsil me stamp vikreta bnana hai mai intermedate pass hu kya bn skta hu pleese sir jrur btana

    thank you sir

    Reply
  • Sudhir Rathor

    Sir. Maine Namkeen ka karkhana khola h Mujhe kon kon sa Laicance Lena hoga

    Reply
  • harshit singh rathor

    plz contact to me

    Reply
  • Govind pal

    सर जैसे कि कीसी सरकारी काम की ठेकेदारी करना चाहता हूँ
    उसमें Pen n.
    Ten n.
    होना जरूरी है
    पेन कार्ड मेरा बना हुआ है मैं सोचता हूं मैं टिन नंबर बनवा लूं अगर मेरा बिजनेस नहीं चल रहा है तो क्या मुझे टैक्स देना पड़ेगा

    9005205443
    पर WhatsApp पर जानकारी दे दीजिये

    Reply
  • Ravinder kumar

    Sr mei janral store chalata hui, meri shop ki turn over 600000-700000 ke aas pass h, Rajasthan government ke rules ke anusar 1000000 tak tin no. ki jrurat nhi thi. kya Sr ab mujhe tin no. Lena chahie ya.nhi. Sr ab gst lagoo go jaegi to retailers ke liye tin no.hi jruri hoga ya koi or skim as sakti h plz tell me tks

    Reply
  • Nice post sir. Jiiii

    Reply
  • alam ali

    Santosh ji hi
    Mene gar se kam ki suruaat ki h
    Aur mene apni farm ko rajistar karwa liya ab men chata hu Tin number Lena to muje kya krna hoga ?

    Umid h ke aap is na chij ko saral rasta dikhay ?

    Pro.
    Mahfuj Alam maniyar
    Shop name
    {Gulshan lakh banglesh & manufactures} jaipur Rajasthan pink city
    alamali71778@gmail.com

    Reply
  • ANAND KUMAR

    I WANT TO OPEN CURANT AC FOR DIGI PAY CASHLESS SCHEME C.S.C WHAT I WILL DO
    WITHOUT TIN I WILL OPEN CURNT AC

    Reply
  • Dear sir,
    Sir me online website jaise snapdeal, flipkart, amazon ke saath wears, garments ka business karna chahta hu so please help me sir. ki sir me kis tarah kaam suru karna hai or kya kya ducument lagege.

    Reply
  • Rahul Kaushik

    Dear Sir/Mam

    Mai Consultant ka business karna chahta hu to company ka registration kiss website par hoga.

    Reply
  • aasin khan

    सन्तोष जी
    मेरे पास फोटो स्टेट की दुकान है और में tin नम्बर लेना चाहता हु
    1 . कोन -कोन से docoment की आवश्यकता है
    2 .इसमे खर्चा कितना आएगा

    Reply
  • sandoj ghule

    सर
    मैं , संडोज बाळू घुले
    एक रोजगार ( स्वभिकला सामाजिक संस्था) खोलना चाहता हूं
    संस्थाके माध्यमसे बनाये गये ,बचत गट से बनाई चिजो को product को मैं amazon website या किसिभी online marketing के जारीये बेच कर बेरोजगारोको रोजगार दिलाना चाहता हूं ,तो इस के लिये मुझे pan card ,TIN number लेना अनिर्वार्य हैं क्या। तो मुझे इसके लिये क्या करना होंगा।help करे।

    Reply
  • Saurabh

    सर मैं टिन नम्बर लेना चाहता हूँ पर लिखा पढ़ी ज्यादा नहीं रख सकता मेरा साल में ट्रनओवर 5लाख है कृपया सलाह देंा

    Reply
  • Mahesh Kumar

    Dear
    Sir I am mahesh mujhe tin no.Lena hai please help me

    Reply
  • jatin

    sir mere business chotu hai .mujhe kis mai registration karna hoga.mai ghaziabad me rehta hu.

    Reply
  • ravi

    sir…mene 500 k stamp p partnership bn wali ..kya WO sahi hogi ..

    Reply
  • ravi

    sir…mene 500 k stamp p partnership deed bn wali ..kya WO sahi hogi ..

    Reply
  • ravi

    sir…mene 500 k stamp p partnership
    deed bn wali ..kya WO sahi hogi ..

    Reply
  • Bhupendra kunar

    Sir pahle se hi ek aadmi ka tin no h or company h kya mai uska partenar ban sakta hu yadi ha to mujhe kya karna hoga

    Reply
  • Bhupendra kumar

    Replay me sir

    Reply
  • Sir mari name plate shop he aur farm he mari farm se market me apni name plate sale kar sakta hu plz bataye

    Reply
  • satishkaushal

    nice post sir this most important @ right way locater

    Reply
  • Rakesh patel

    सर जी जानकारी के लिए धन्यवाद

    Reply
  • shubham gupta

    Sir,M aur Mera Friend OLA ya UBER jsa Business Karna Chate H but hme Kya aur Kse Karna Padega Please Hlp Me

    Reply
  • Neetesh

    Sir mujhe aayrvedic store open karna h proprietorship m to m fir registration karwana chahta hoon kya prosis h plzz bataye

    Reply
  • devendra

    Mri 1 chhoti c shop hai hmre pas tin no. Ni aur m apne shop ko online shopping companies se link krna chahta hu kya kru?

    Reply
  • Rahul

    Shujaw pura nhi h kirpya next bar me jo vi jankari de pura or dipli hi de sir …..

    Reply
  • Rahul

    Dear sir me ek pvt. Ltd . Company open karna chata hu pharma me to license kyse lu advice de….

    Reply
  • Rajkumar soni

    Sir me jewelry ka bissnes Karna chats hun muje bank se kis parkar ka lon aur kitna mil sakta hai

    Reply
  • नरेन्द्र सिंह शेखावत

    सर ओशो साहित्य बेचने के लिए जयपुर में एक लाइब्रेरी खोलना चाहता हु . इसके लिए मुझे क्या किसी रजिस्टरेशन की आवश्यकता पड़ेगी?
    अगर मुझे सरकारी विभागों में अपनी किताबे व मैगजीन बेचनी हैं तो उसका पेमेंट प्राप्त करने के लिए क्या मुझे किसी फर्म के नाम से खाता खुलवाना पड़ेगा या मुझे अपने नाम से चेक मिल सकता है ?

    Reply
  • प्रेम अभिमन्यु

    सर अगर मुझे NGO खोलना है तो इसके लिए कोन कोन से रजीस्टरेशन की आवश्यकता पड़ेगी ?
    कृपया विस्तार से समझाने का कष्ट करें .

    Reply
    • To start a NGO in Trust registration, you need at least 2 people. To start an NGO in Society registration, you need at least 7 people. To start an NGO at a nation level, you need at least 8 people. Yes, a group of seven or more teachers can make or formulate the NGO with a specific target.
      Lay down the issues that your NGO wants to address, and identify the mission and vision.
      2
      Before registering the organization, you need to have a governing body in place, that will be responsible for all activities and decisions of the organization. The governing body will be involved in all matters of strategic relevance, including strategic planning, financial management, human resources and networking

      Every NGO in India is legally required to document a trust deed/ Memorandum of Understanding/Bylaws that contain the name and address of the NGO, mission and objectives, details of governing body members, human resource and staffing information, rules and regulations, administrative laws and procedures
      In India, you may register an NGO under any of the following Acts:
      Indian Trusts Act: A Charitable Trust is not legally obliged to obtain registration; unless the Trust wants to claim income tax exemptions or is based in a state that is governed by the Public Trusts Act, such as Maharashtra.
      Societies Registration Act: A society can be formed by a group of seven or more people. Its formation is more complicated than that of a trust, but it also affords more flexibility in terms of regulations.
      Companies Act: An association that is formed for the promotion of art, science, commerce, religion or charity can be registered as a company but its members cannot be paid a dividend. All profits should be utilized for furthering the objectives of the company.
      Raise funds through internal sources (membership fees, sales, subscription charges, donations, etc.) or grants-in-aid from the Government, private organizations or foreign sources. Inflow of foreign funds is governed by the Foreign Contribution Regulation Act (FCRA) 1976. Many NGOs are eligible for tax exemptions – be sure to check your eligibility status and file your application if the exemption applies to you.
      Besides meeting the above mandatory requirements, you need to build a wide professional network with other NGOs, government agencies, media and the corporate sector. Like most other organizations, an NGO thrives primarily on the strength of partnerships.

      Reply
  • Manoj

    Namaste sir mai electrical license lena chahta hu mere pas digree deploma nahi hai koi dusra vikalp hai sir please btaye

    Reply
  • Sir mein marketing ka business karna chata hun or jis business ko mein karna chata hun sir uski mujhe puri knowledge hai. Sir mujhe ye pata nahi hai ke suruat kese karun or isme mujhe kiya kiya karna hoga

    Reply
    • Dear ,
      yadi aapko knowledge hai to shuruaat wahi se karen jahan se aata hai..aapne vistaar purvak nahi bataya hai ki aap kya chahte hain

      Reply
  • Abhishek Tiwari

    Sir mai airport jobs ke liye aviation academy kholana chahata hoo mujhe kya karna hoga kaha registration karana hoga

    Reply
  • Vinod

    Maine proprietorship me st number leli ya prntu koy bill nahi bana abhi tak , mughe batae age kya karo

    Reply
  • सर जी नमस्कार मेरी पार्टनरशिप फर्म है और हम सरकारी इलेक्ट्रिक वर्क करते हैं और पाटनर में आपसे तनाव के कारण इस फर्म को प्रोपराइटर शिप में बदलना चाहता हूं क्योंकि मेरा पाटनर बिजनेस की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता है और ना ही कभी कार्य में रुचि लेता है कृपया करके मुझे अच्छी राय देने का कष्ट करें

    Reply
  • Vinay kumar

    Sir maine spice trading karn suru kiaa hai aur may delhi say maal lay kar himachal pradesh may sale kar raha hu sir may kon kon si athorti say permission lo aur kyo .
    Please help me sir

    Reply
  • अज़हर नागोरी

    सर में ऑनलाइन शापिंग साइड के माध्यम से सामान बेचने चाहता हूँ। जिसमे टिन नंबर मांग रहे इसके लिए मुझे क्या करना होगा।

    Reply
  • Dheeraj Dhiman

    Namaste Santosh Pandey Ji Main Ambala Ka Rehne Wala Mera Naam Dheeraj hai Aur Main 1 motor part ki dukan karna chahta Hoon kripya karke mujhe Yeh Bataye km Sale Tax number Kaise Le sakta Hoon Kaise mai apna business Shuru kar sakta Hoon

    Reply
  • PIYUSH MAURYA

    Good Work

    Reply
  • jogender jaiswal

    sir ji main Ayurvedic k saaman Hyd me sale karna chahata hun jo hariyana main bante hai mujhe pahela kadam kounsa lena hoga? meri madad kariye Aap ka jawab mujhe mail kariye please

    Reply
  • Abbas Alam

    Mai Tan No. banwane ke liye apply kiya tha. Fir acknowledge no. mila. aur NSDL ke madhyam se acknowledge no. dwara Tan No. bhi mil gaya. Mai ye janna chahta hu ki kya Pan Card ki Tarah Tan Card bhi hota hai ya sirf Tan No. hi hota hai. Nahi hota hoga to koi bat nahi par hota hoga to Tan Card ko kaise paye.

    Reply
  • Bhagirath

    Sir mera 1 friend h vo electronic contract company bnana chahta h to construction company ke liya license or rgistration kese kiya jayega or kya kya process hoga vo partnership me contract ka kam krna chahta h to kya krna hoga

    Reply
  • Balkishan raj

    सर जी मेरा काम घरों का पेंट करवाने का है
    मुझे 17 साल हो गए है लेकिन मूझे सफलता नहीं मिली मेरा काम भी अच्छा है(एशियन पेंट्स ने ट्राफ़ी भी दी है) लेकिन मै अपने व्यापार को हस्ट पुस्टि और तंदुरस्त नहीं बना पाया
    आप मुझे कुछ ऐसा तरीका बताइये जिससे मै अपने काम को बुलन्दियों पर ले जा सकूँ
    नमस्कार

    Reply
  • Rahul

    Sir
    M gramin area m shop registration karwana chahata hu to me sab se pahle konse office m Jay.

    M khud Abhi ek Telecom or pustak bhandar Chala rha hu use registration karwana H

    9166935925

    Reply
    • Dear Rahul
      For Establishing a new Shop or its renewal, the following documents are to be submitted- 1.Application Form in Prescribed Format. 2.Ration Card. 3.Fees. 4.Mool Anugyapti. This Service is also available at Jan Suvidha Kendras in District Collectorates.

      Reply
  • Navneet Kumar

    सर मैं एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी खोलना चाहता हूँ।
    तो क्या मैं “पार्टनरशिप फर्म” के द्वारा अपने इस सपने को पूरा सकता हूँ?
    यदि हाँ तो इसके रजिस्ट्रेशन में शुरू से अंत तक कुल कितना खर्च आएगा?

    Reply
    • Dear Navneet ji,

      Aapke sapne awasya pure honge…”partnership” can do anything. raha sawaal network marketing ka to main is vidha ke khilaf hoon….All network marketing companies making fools….

      Reply
  • Sir my ek thermacol plate manufring ka bussines start krna chahta hu..mujhe tin no. Pehle le lena chahiye ya bussiness start hone k baad

    Reply
  • rachana

    Sir Mai aur mere did dono MIL kar yoga + diet counseling center open Karna chahate hi iske leye hum rent per place lege to keya keya jaruri registration. Aur licence Lena hoge toda guide Kijiye

    Reply
  • Ravi kumar

    सर मुझे टायरों का काम करना है जो की मुझे रूड़की उत्तराखण्ड से माल आयेगा कैसे सुरु
    करू
    पाटनर शिप या अकेले करु बताये

    Reply
  • aman mastana

    Mai E Commerce Business online Start Karna Cahta Hu or Mai Vegitable,fruits,artificial jewellery etc sale karna cahta hu to iske liye mujhko kon kon se registration karwane pade ge or kya kya dacument ki jaroorat pade gi mail ke throught apa hamko bataye plzz

    Reply
  • Navneet Kumar

    सर कृपा एक और बात बता दें।
    पार्टनरशिप फर्म के रजिस्ट्रेशन में कुल मिलाकर कितना खर्च आता है?

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  • uayraj yadav

    Sir may namkeen ka chota sa bessnes karna chata hun ke namkeen banwa kr bechne ke ley hme kya karna hoga koi sartificat banwana hoga kerpya jankare de plese sir

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  • sir main ek bussiness start krna chahta hu but aap jo bate bataye hai vo sab samajh me nhi aaya plz bataye ki…………..kanha jana hoga registration karwane ke liye

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  • Sanjay Kumar ranga

    Sir I want open new placement office.please tell me rules

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  • ajay kumar tanti

    Sir mai DVC me peti contractor hu.kisi company she kam le kar karata hu.Ab ham DVC se direct kam ko me kar karana chahte h.iske liye hame kiya karna hoga. Or Kon non se license lens padege.ham Bihar se h.or WB me kam karte h or karate v h.please help me sir

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  • ajay kumar tanti

    Sir ham DVC me ek peti contractor hu.kisi company se kam le kar karata hu.An ham khud DVC se direct kam le kar karana chahta hu.iske liye ham kiya kare.or kon kon se license Lena hoga.please help me sir

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  • Rai rajkumar

    Sar mai coldring ka plant lagana chahatta hu kya tin no ke liye sarkar ko alag se passa jamma karana partta hai bihar me sitamarhi kya fees hai

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  • nadeem shaikh

    sir me agabatti banane ka bussiness karna chahta hu iske licence ke liye kaha par samark karu aur isse karne ke liye roc kaha par hogi

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    • अगरबत्ती व्यापार छोटे पैमाने या बड़े पैमाने के आधार के रूप में शुरू किया जा सकता है। अगरबत्ती घरेलू सामान एक महान बाजार की क्षमता होने के रूप में माना जाता है। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में अगरबत्ती या धूप के जलने शुरुआती समय से ही भारत में अभ्यास किया गया है। एक खुशबूदार पाउडर अगरबत्ती या पेस्ट एक सुगंधित fumigant के रूप में भारतीय घरों में जला दिया जाता है और कीटनाशी और एंटीसेप्टिक गुणों के अधिकारी माना जाता है। एक अगरबत्ती के समय जल की गुणवत्ता और आकार के अनुसार 15 से 3 मिनट के घंटे से भिन्न होता है।

      अगरबत्ती भारत, श्रीलंका, बर्मा में सभी समुदायों द्वारा और भारतीयों द्वारा विदेशों में रहने वाले किया जाता है। आज के रूप में 90 के बारे में विदेशी देशों अगरबत्ती का उपयोग कर रहे हैं। अगरबत्ती की मांग को साल भर में सभी पाया जाता है और यह उत्सव के मौसम पर वृद्धि हुई है। अगरबत्ती उद्योग भारत में पारंपरिक उद्योगों के श्रम गहन कुटीर प्रकार से एक है और कर्नाटक राज्य में इस उद्योग, निर्माण के मुख्य केंद्रों मैसूर और बेंगलूर में किया जा रहा होता है। इसके अलावा, यह एक निर्यात उन्मुख उद्योग भी है। वास्तव में, यह एक निर्यात बढ़ाने के लिए विचार आइटम है। इस उद्योग में शामिल प्रौद्योगिकी के निम्न स्तर के कारण, व्यापार कर अगरबत्ती सरल मशीनरी और मध्यम पूंजी निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है।
      अगरबत्ती व्यापार के पंजीकरण

      व्यापार कर अगरबत्ती शुरू में, आप आरओसी के साथ पहली बार अपने व्यापार को रजिस्टर करने की आवश्यकता होगी (कंपनियों के रजिस्टर)। ऐसा करने से, आप निवेशकों के विश्वास को पाने के लिए और भी आसानी से अन्य आवश्यक लाइसेंस और परमिट मिल जाएगा। स्थानीय प्राधिकारी से ट्रेड लाइसेंस के लिए आवेदन। व्यापार पैन कार्ड प्राप्त करते हैं। एक मौजूदा बैंक खाता खोलें। आप लघु उद्योग इकाई के रूप में अपने व्यापार को पंजीकृत कर सकते हैं। VAT पंजीकरण के लिए आवेदन करें। वाणिज्यिक बड़े पैमाने पर विनिर्माण इकाइयों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से फैक्टरी लाइसेंस और एनओसी की आवश्यकता है।
      कच्चे माल अगरबत्ती बनाने के लिए

      अगरबत्ती के लिए प्रमुख कच्चा माल बांस की लाठी और विभिन्न पाउडर हैं। आकार के अनुसार, तू लाठी खरीदने की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, आप मशीन बनाने की छड़ें होने से अपने काम करता है पर चिपक जाता है उत्पादन कर सकते हैं। अन्य सामग्री का कोयला धूल, Jigat पाउडर, नरगिस पाउडर, लकड़ी धूप पाउडर, चीनी बुत पाउडर और कई आवश्यक तेलों रहे हैं। खुशबू के अनुसार, आप सही फार्मूला का चयन करने की जरूरत है। पैकेजिंग पर ध्यान दे।एक खुशबू ताला पैकेजिंग प्रणाली अगरबत्ती निर्माण में महत्वपूर्ण है।
      अगरबत्ती बनाने मशीनरी

      वांछित उत्पादन उद्यमियों के मुताबिक व्यापार कर अगरबत्ती के लिए सही मशीनरी का चयन करने की जरूरत है।जहां तक ​​परियोजना व्यवहार्यता का संबंध है, सही मशीनरी का चयन सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने से कारकों में से एक है। अगरबत्ती बनाने व्यापार के लिए लाभदायक है और मशीनरी के कई अलग अलग प्रकार के बाजार में उपलब्ध हैं।

      मोटे तौर पर मशीनें बनाने अगरबत्ती के तीन प्रकार उपलब्ध हैं। उन मशीनों बनाने, मैनुअल स्वचालित और उच्च गति स्वत: अगरबत्ती हैं। इन के अलावा, आप भी अगरबत्ती कच्चे माल मिक्सर मशीन और सुखाने की मशीन की खरीद के लिए बेहतर उत्पादन उत्पादन प्राप्त करने के लिए विचार कर सकते हैं।

      मैनुअल अगरबत्ती बनाना

      मैनुअल बनाने की मशीन (सिंगल और डबल पैडल प्रकार) अगरबत्ती, उच्च उत्पादन, कम कीमत, टिकाऊ, बेहतर गुणवत्ता है, जो कोई शक्ति की आवश्यकता है के साथ बहुत आसान संचालन मशीन है। ये बहुत सस्ती कीमत के साथ बनाए रखने के लिए आसान कर रहे हैं। आप अच्छा उत्पादन और इन मशीनों से ठीक गुणवत्ता अगरबत्ती बना सकते हैं।
      स्वचालित अगरबत्ती बनाने की मशीन
      उच्च मात्रा उत्पादन स्वत अगरबत्ती बनाने की मशीन के साथ और अधिक वर्दीधारी उत्पादन प्राप्त करने के लिए एक आदर्श विकल्प है। इन मशीनों को आकर्षक पैटर्न, डिजाइन और सटीक आवश्यकताओं के अनुसार आकार में उपलब्ध हैं। मशीनों के इस प्रकार से है, तो आप 150-180 लाठी / मिनट की एक उत्पादन उत्पादन मिल जाएगा। गोल और वर्ग की छड़ें के दोनों प्रकार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
      उच्च गति स्वत: अगरबत्ती बनाने की मशीन

      आप पूरी तरह से स्वचालित मशीनों को संचालित करने के लिए उन आवश्यक कम जनशक्ति बनाने अगरबत्ती के विभिन्न प्रकार के मिल जाएगा। मशीनों के इन प्रकार के द्वारा, आप कम से कम श्रम सगाई के साथ वांछित उत्पादन मिल जाएगा। मिनट उत्पादन प्रति 450 लाठी – इन मशीनों को आम तौर पर 300 का उत्पादन। तुम भी “12” 8 से लंबाई को समायोजित करेगा।
      अगरबत्ती सुखाने के लिए मशीन :

      विभिन्न मॉडलों के साथ अगरबत्ती सुखाने की मशीन के विभिन्न प्रकार उपलब्ध हैं। यह शायद ही रुपए 4-5 / किलो लागत जब सुखाने मशीनों वाणिज्यिक उत्पादन में किया जाता है। आप 160 किलोग्राम / 8 घंटे के एक उत्पादन उत्पादन मिल जाएगा।
      अगरबत्ती बनाने के लिए पाउडर मिक्सर मशीन:

      एक वाणिज्यिक बड़े पैमाने पर अगरबत्ती बनाने परियोजना आप कम श्रम इनपुट के साथ वर्दी मिश्रण गुणवत्ता लाने के लिए एक पाउडर मिक्सर या ब्लेंडर मशीन होने पर विचार कर सकते हैं शुरू में। इन मशीनों को सामान्य रूप से अच्छी तरह से पाउडर है कि दोनों गीले और सूखे पाउडर हो सकते हैं दो प्रकार के मिश्रण में सक्षम हैं। इन मशीनों को आम तौर पर कस्टम विभिन्न आकार, आकार और क्षमता में उपलब्ध कराया जाता है। सामान्य रूप से उत्पादन क्षमता 10kg-20kg / 10min से भिन्न होता है।
      अगरबत्ती लेने की प्रक्रिया

      मुख्य रूप से अगरबत्ती के दो प्रकार के व्यावसायिक रूप से निर्मित है। एक सुगंधित अगरबत्ती है और एक दूसरे को मसाला अगरबत्ती है। लकड़ी का कोयला, Gigatu, सफेद चिप्स, आदि के सुगंधित अगरबत्ती पाउडर के निर्माण में पानी के साथ मिश्रित कर रहे हैं एक अर्द्ध ठोस पेस्ट किया है। यह रचना एक पटल पर ले लिया और हाथों से या एक स्वचालित अगरबत्ती बनाने में मशीन रोलिंग द्वारा चिपक जाती है करने के लिए लागू किया जाता है। तो कच्चे छड़ें उपयुक्त इत्र यौगिक सफेद तेल या diethyl phthalate (रवानगी) और सूखे और पैक की तरह अन्य सॉल्वैंट्स से पतला में डूबा रहे हैं।

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  • Aman

    Mai sanitary Pad Ka Business Start Karna Cahta Hu To Uske Liye Mujhko Kon kon sa Registration Karwana pade ga or ye sabhi Registration kaha se hoge GSt me bhi ragitraration jaroori hai kya or TIN no BHi lena pde ga ya nahi

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    • Dear Aman,
      Ab GST lena padega yadi aapka turnover 10 lakh se jyada hoga to….apne najdiki sales tax consultant ya CA se milen ….

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  • manohar Mali

    Pwd ka lisence banane me apki rai cahie

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  • Krishna kant

    Mai new ngo start karna chahta hu
    Tips de

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  • Krishna kant

    New ngo ke liye tips de sir

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    • Dear Krishna kant, aasha hai aap santust honge
      एनजीओ कैसे प्रारंभ करें
      एनजीओ कैसे बनायें
      एनजीओ कैसे रजिस्टर करें?
      अगर आप गैर सरकारी संगठन (गैर-सरकारी संगठन / गैर लाभ संगठन) को शुरू करने, चलाने और स्थापित करने की सोच रहे हैं तो यह एक लंबी प्रक्रिया है और एक तरह का गैर लाभकारी जनसेवा वाली उद्यमिता है. एनजीओ की स्थापना और चलाने के लिए समय, संसाधन और व्यक्तियों की टीम की आवश्यकता होती है. एनजीओ गैर लाभकारी संगठन होता है और इसे बनाने और चलाने की इच्छा रखने वाले लोगों के संस्थापक और समूह को एक मजबूत दृष्टि और समर्पण होना चाहिए जो समाज के साथ एक सरोकार साझा कर सकते हैं. समाज के लाभ के लिए वांछित सेवाओं को कार्यान्वित करने के लिए कार्य को सही, प्रबंधित और सामरिक पैटर्न में शुरू किया और व्यवस्थित किया जाना चाहिए जो कि अंततः सामाजिक उद्यमिता के प्रति तयशुदा लक्ष्य के कार्यान्वयन में बहुत उपयोगी हो सकता है.
      निर्धारित तयशुदा मापदंड अपनाने होंगे
      यदि आप एनजीओ बनाना चाहते है और समाज सेवा शुरू करना चाहते हैं तो आपको अपना कार्य निम्न चरणों के माध्यम से निर्धारित कर इसे अपनाना होगा, जो गैर सरकारी संगठन के गठन और चलाने में सहायक होगा. कुछ बुनियादी दिशानिर्देशों के साथ एनजीओ चलाने और चलाने की बुनियादी अवधारणा निर्धारित है, लेकिन विभिन्न प्रकार के क्षेत्र और एनजीओ बनाने और बनाने के उद्देश्य के आधार पर इसके मापदंड भिन्न हो सकते हैं. यदि आप एनजीओ स्थापित करना, रजिस्टर करना और चलाना चाहते हैं, तो आपको कुछ मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखना चाहिए. एनजीओ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया एनजीओ बनाने के लिए उद्देश्यों, रजिस्ट्रेशन के क्षेत्रों, व्यक्तियों और उद्देश्यों के अनुषा भिन्न भिन्न हो सकती है, क्योंकि कुछ और विभिन्न क्षेत्रों में गैर-सरकारी संगठन के प्रकार और प्रक्रियाएं भिन्न और निश्चित होती हैं. अलग-अलग क्षेत्रों की निर्धारित आवश्यकताओं के अनुरूप इन बिंदुओं पर विचार करके और ज्यादा स्पष्ट हो जायेगा और इनके अनुरूप मार्गदर्शन तय कर आगे बढा जा सकता है.
      एनजीओ के रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई सहज और आसान तरीके से पूरी करने केलिए और अपनी निर्धारित अवधारणा को मूर्त रूप से लागू करने के लिए एनजीओ क्षेत्र के उन पारंगत विशेषज्ञों और अनुभवी सलाहकार (कंसल्टेंट) के सुझाव, सलाह और परामर्श सेवाएं (कंसल्टेंसी) लेना आवश्यकता है जिनके बारे में दूसरे अनुशंसा करें.
      उद्देश्य, विजन और मिशन तय करना
      गैर-सरकारी संगठन शुरू करने के लिए पहला प्रारंभिक आवश्यक कदम यह है कि वह उद्देश्य निर्धारित करें जिसके लिए आप सामाजिक संगठन बनाना चाहते हैं. संस्था के गठन के लिए निर्धारित उद्देश्य स्पष्ट और सुनिश्चित होना चाहिए जो जनहित हेतु बनाये जाने वाले सामाजिक संगठन के स्पष्ट मिशन को परिभाषित करे और उस निर्धारित अवधारणा का पालन करे. एनजीओ के मूल्यों के ढांचे के निर्धारित कार्य स्पष्ट रूप से परिभाषीय कार्यते हुए दर्शाये जाने चाहिए जिनसे यह स्पष्ट हो सके कि यह क्यों बनाया जा रहा है. संस्था के गठन और पंजीकरण करने के बाद इसके उद्देश्यों से यह साफ़ होन चाइये और और वे यह कि यह दर्शावे कि यह संगठन किन उद्देश्यों और निर्धारित लक्ष्य हेतु अस्तित्व में लाया गया है. समाज सेवा के लिए अपनी प्राथमिकता और सेवा हेतु लक्ष्य समूह को स्पष्ट तरीके से और स्पष्ट अवधारणा में सही तरह से परिभाषित किया जाना चाहिए.
      इससे पहले, समय और संगठन को अस्तित्व में रखने के लिए प्रक्रिया को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने और शुरू करने के दौरान, यह सोच लिया जाना चाहिए कि किस उद्देश्य, उद्देश्य और दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए इस एनजीओ का गठन होगा. वर्तमान में सही कार्यप्रणाली और दीर्घकालिक रणनीति तय करके निर्धारित कार्य योजना को कार्यान्वित करके निर्धारित लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है.
      एनजीओ पंजीकृत करने के लिए लागू पंजीकरण अधिनियम और कानून
      भारत में एनजीओ के लिए पंजीकरण प्रक्रिया विभिन्न राज्यों में विभिन्न अधिनियमों और कानूनों के तहत उपलब्ध है; मुख्य रूप से ट्रस्ट, सोसायटी और गैर लाभकारी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है.
      भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत एक चैरिटेबल ट्रस्ट पंजीकृत किया जा सकता है. चैरिटेबल ट्रस्ट में कम से कम दो व्यक्ति सदस्य के रूप में आवश्यक हैं, अधिकतम सदस्यों की कोई सीमा नहीं है. महाराष्ट्र ट्रस्ट और सोसायटी में महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम के तहत ट्रस्ट पंजीकृत किया जा सकता है. सोसाइटी को सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत किया जा सकता है. सोसाइटी में कम से कम सात सदस्य आवश्यक हैं. भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत ट्रस्ट का गठन आसान है. कंपनी के रजिस्ट्रार के साथ कंपनी अधिनियम की धारा 8 के तहत एक गैर लाभ कंपनी पंजीकृत किया जा सकता है.
      बोर्ड और निदेशक मंडल की सेटअप टीम
      गैर-सरकारी संगठन के रूप में सामाजिक उद्यमिता को शुरू करने, सेटअप और चलाने के लिए, संस्थापक (संस्थापकगण) एक टीम के साथ होंगे जो संगठन के बोर्ड निदेशक के सदस्यों की टीम निर्धारित और सुनिश्चित करेंगे. इसे सामान विचार वाले समर्पित व्यक्तियों के साथ जनसेवा की भावना और प्रतिबद्धता के साथ सामाजिक कल्याण केलिए शुरू किया जा सकता है. क्योंकि जिन सदस्यों से एनजीओ के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत होती है वे गैर-सरकारी संगठन के आधार और शक्ति होते हैं. यदि आप वास्तव में दान और सामाजिक कल्याण पर आधारित गैर-सरकारी संगठन शुरू करना चाहते हैं तो आप और आपके संबद्ध टीम के सदस्यों को मजबूत दृष्टि और सामाजिक समर्पण के साथ होना चाहिए ताकि आप और वे जनता के हित के मुद्दों के आधार पर समाज को बेहतर सेवा प्रदान कर सकें. वित्तीय स्थिति के अनुरूप स्वयं के संसाधनों, प्रयासों और समर्थकों की मदद से संसथान के गठन की प्रक्रिया की शुरूआत की जा सकती है. विशेषज्ञ सलाहकारों से संपर्क करके कानूनी और तकनीकी कौशलतायुक्त जानकारी प्राप्त की जा सकती हैं.
      जो संसथान के गठन का निर्णय करते है उन व्यक्तियों के मन में संगठन के लिए स्पष्ट मिशन और विज़न हैं और जो सामाजिक उद्यमिता के इस कार्य को मूर्त रूप देने के लिए स्थाई और सकारात्मक विचार रखते हैं, वही पंजीयन की प्रक्रिया का बुनियादी और अनिवार्य स्वरुप हैं. संस्थापक व्यक्तियों को एक टीम में काम करने में सक्षम होना चाहिए ताकि सर्व स्वीकृति से समाज कल्याण के कार्य शुरू कर और निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करके संगठन को स्थिर और स्थिर बनाया जा सके. संस्थापक सदस्यों या उनके समर्थकों के लोगों की संख्या की कोई सीमा नहीं है, यह उन संपर्कों पर निर्भर करता है और जिनके लिए एनजीओ के रूप में संगठन की स्थापना की जा रही है.
      विशेषज्ञों और कंसल्टेंसी के कानूनी समर्थन और सेवा
      जब आप एक गैर-सरकारी संगठन शुरू करना चाहते हैं, तो कानूनी विशेषज्ञ और एनजीओ सलाहकार की मदद और सेवा से निपटने के लिए कुछ कानूनी मामलों की आवश्यकता हो सकती है.
      एनजीओ सलाहकार (कंसलटेंट) निम्न मुद्दों और प्रक्रियाओं में मदद कर सकते है:
      गैर सरकारी संगठन के पंजीकरण
      पंजीकरण की आवश्यकताओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाएं
      संसथान के गठन के लिए बुनियादी दस्तावेज मेमोरेंडम/संविधान आवश्यक कानूनी सामग्री और सूचना संसाधन शामिल करते हुए इसे तैयार कर इसे पूरा करें
      गैर सरकारी संगठन के तत्कालीन और भविष्य के लिए आवश्यक सभी उद्देश्यों को तैयार करे उसे मेमोरेंडम में शामिल करके अंतिम रूप देने के लिए
      पंजीकरण के लिए आवश्यक फॉर्म, दस्तावेज तैयार करने के लिए
      क्षेत्रों, इलाके और संबंधित किसी भी मुद्दों के अनुसार आवश्यकताओं को स्पष्ट करते है
      मेमोरेंडम, दस्तावेज पंजीकरण और प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कानूनी परामर्श प्रदान करना.
      पंजीकरण की प्रक्रिया और प्रावधान सरल हैं, लेकिन अधिकृत एनजीओ कंसल्टेंट्स से परामर्श सेवा लेना उचित रहता है. जो इस क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं और इस क्षेत्र में अनुभव रखते हैं, उनके सेवाएँ लेने से समय की बचत और व्यवस्थित रूप से पंजीयन करके आश्वस्त होना बेहतर रहता है. यदि आप सोचते है कि रजिस्ट्रेशन के लिए एनजीओ सलाहकार को फीस का भुगतान करना पडेगा तो एनजीओ पंजीकरण करने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि किसी आवश्यक सामग्री से वंचित रहकर आप की यह प्रयोगात्मक प्रक्रिया बेकार सिद्ध हो सकती है और कुछ समय के बाद यह ऐसी अनुपयोगी साबित हो सकती है जैसे कि एनजीओ वास्तविक अर्थ में है ही नहीं है. अगर आवश्यक जरूरतों, कानूनी प्रावधानों, उद्देश्यों और लक्ष्य के साथ पंजीकृत करवाई गई है, तो यह नकल के जरिए तैयार किये दस्तावेजों के आधार पर अपनाई गई अनुचित पंजीकरण प्रक्रिया के साथ फीस के लिए धन बचाव की दृष्टि से भी बेकार साबित होगी. पंजीकरण के पश्चात कानूनी रूप से आयकर विभाग में और सरकारी अनुदान की योजनाओं को प्राप्त करने के लिए इस प्रकार के पंजीकृत दस्तावेज अनुपयोगी साबित होने से संसथान के अस्तित्व के लिए भी चुनौती साबित होते है. इसलिए एक समय पैसे बचाने की मानसिकता के अधिकांश बार दूरगामी अपरिणाम निरर्थक साबित होते देखे गए है. विशेषज्ञ सलाहकार की फीस के रूप में प्रारंभिक निवेश हमेशा दीर्घकालिक दृष्टि से उपयोगी साबित होगा. एक कानूनी विशेषज्ञ परामर्शदाता के माध्यम से कानूनी परामर्श सेवाएं प्राप्त करने के लिए आपको कानूनी हिस्से पर उपयोगी और अच्छी तरह से सक्षम संगठन बनाने में मदद मिलेगी ताकि आप अपने नियोजित और निर्धारित लक्ष्य और उद्देश्यों को हासिल कर सकें. इसलिए सिर्फ कॉपी पेस्ट के जरिये तैयार मेमोरेंडम के साथ करवाया गया रजिस्ट्रेशन करवाना ज्यादातर समय और संसाधन बिगाड़ने जैसा ही साबित हुआ है. इसलिए सबसे ज्यादा सलाह इस बात की दी जाती है कि आपको ऐसे सलाहकार की परामर्श सेवाएं अवश्य लेनी चाहिए जो कानूनी रूप से विशेषज्ञ हैं और अधिक सामाजिक उद्यमियों के साथ कार्यरत रहते हुए लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में अनुभव के साथ पारंगत हैं. इसलिए विशेषज्ञ से गैर सरकारी संगठन के गठन के लिए कानूनी परामर्शदाता की सेवा लेने के साथ-साथ संगठन को अस्तित्व में आने के बाद इसे अगामी समय के लिए स्थिर बनाए रखने का यही सबसे उत्तम विकल्प है.
      एनजीओ का नाम
      जब आप स्वयंसेवी संगठन बनाने की सोच रहे हो तो एनजीओ का नाम तय किया जाना एक प्रमुख आवश्यकता है. एनजीओ का नाम आपके विचारों के अनुसार हो सकता है या यह अद्वितीय हो सकता है क्योंकि आपने क्षेत्र और समाज के कुछ हिस्से की सेवा करने की अपनी योजना बनाई है. भारत में गैर सरकारी संगठन का नाम किसी भी सरकारी प्राधिकरण बॉडी, बोर्ड या मंत्रालय के समान किसी भी नाम के बराबर नहीं होना चाहिए. नाम एम्बलम एक्ट में प्रतिबंधित नहीं होना चाहिए. जब आप सोसायटी अधिनियम के तहत आवश्यक नाम के साथ पंजीकरण कर रहे हैं तो यह पता लगाना और सुनिश्चित करना जरूरी है कि जहां पंजीकरण के लिए आवेदन करना है वहां प्रस्तावित नाम का पहले से कार्यालय में या कार्यालय क्षेत्र में किसी अन्य पंजिकृत संसथान द्वारा उपयोग नहीं किया गया हो. गैर-सरकारी कंपनी के रूप में भी कंपनी के रजिस्ट्रार के तहत पंजीकृत करवाने के यही मानदंड है कि वांछित नाम समान या मिलता हुआ नहीं होना चाहिए. यदि आप एनजीओ को भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत करना चाहते हैं तो समान नाम का मुद्दा लागू नहीं होता है. कोई भी नाम से अगर पहले संसथान का या पंजिकृत करवाया गया है उस नाम से भी नए ट्रस्ट का पंजीयन/रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है. लेकिन ट्रस्ट के लिए भी सरकारी नाम से मिलता जुलता कोई नाम नहीं होना चाहिए. अगर सरकारी नाम से मिलता हुआ कोई नाम है तो ट्रस्ट का पंजीयन लंबित आया निरस्त हो सकता है. लंबित का अर्थ है कि रजिस्ट्रार द्वारा आपत्ति करने पर अपील में जाना पद सकता है. कई बार अपील ख़ारिज होने पर उस नाम से पंजीकरण संभव नहीं हो पाता. अगर कोई नाम सरकारी नाम से मिलता जुलता नहीं हो और एम्बलम एक्ट के प्रावधानों में नहीं आता हो ऐसी सिथि में तब रजिस्ट्रार अपने मन से ही यह निर्धारित कर लेवे कि अमुक नाम से पंजीयन नहीं हो सकता और पंजीयन को निरस्त कर देवे तब उसके विरुद्ध उच्चाधिकारी अथवा उच्च प्राधिकरण में जाकर अपील की जा सकती है और निर्धारित निर्णय से वांछित नाम से ट्रस्ट का पंजीयन करवाया जा सकता है.
      मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोपोरेशन
      मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन का, निर्धारित नियमों- उपनियमों के अनुसार पूर्व-निर्धारित और सामान्य आवश्यक कानूनी प्रारूप और विवरण के साथ, प्रारूप तैयार किया जाना चाहिए. मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन, संविधान या ट्रस्ट डीड एनजीओ को संगठन के रूप बनाने और अस्तित्व मेलाने लिए एक मुख्य हिस्सा है. मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन में इसका संविधान और कानूनी प्रक्रिया शामिल होती हैं जिसमें सदस्य, बोर्ड, अधिकारियों को शक्ति और दायित्व प्रदान किये जाते हैं, काम करने का क्षेत्र और दायरे तय किये जाते हैं, काम करने का तरीका तय करते हैं, किसी भी वित्तपोषण एजेंसी, मंत्रालय, किसी भी लाइसेंस प्राधिकरण विभाग या किसी भी विभाग की सम्बंधित आवश्यक धाराओं का वर्णन किया जाता हैं. आयकर विभाग द्वारा सामाजिक कल्याण संसथान के रूप में एनजीओ को प्रमाण पत्र जैसे 80 जी, 12 ए के तहत मान्यता देने केलिए मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन में कुछ बिन्दू, विवरण और भाषा में स्पष्ट किया जाना आवश्यकता होता है जो आयकर विभाग की प्रक्रिया और प्रमाण पत्र के मापदंड तय करने के अनुमोदन का वर्णन करती है. मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन को, पंजीकरण के समय, पंजीकरण के बाद और संस्थान के किसी भी विभाग और मंत्रालय में आगे रजिस्ट्रेशन के अनुमोदन के लिए, किसी भी कर अधिनियम के तहत, वित्त पोषण और लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अनुमोदन के लिए स्वीकार्य पैटर्न, तरीके, प्रक्रिया और पैरामीटर में तैयार किया जाना चाहिए. मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन में विभिन्न आर्टिकल (बिन्दू/क्लॉज़) होने और इनको शामिल किए जाने वाले के मामले और सूचनाएं विभिन्न प्राधिकरणों और विभागों के बीच भिन्न होती हैं इसलिए एनजीओ के अनुभवी कानूनी सलाहकार और विशेषज्ञ की भूमिका ज्ञापन तैयार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है. अगर ज्ञापन कॉपी पेस्ट मापदंडों द्वारा तैयार किया जाता है तो एनजीओ का पंजीकरण बेकार हो सकता है या फण्ड और प्रामाणिकता प्राप्त करने के लिए संस्थान के पास कोई उद्देश्य या मार्ग नहीं हो सकता है. इसमें वे उद्देश्य और निर्धारित कानूनी बिन्दू शामिल होने चाहिए जिस पर आपने काम करने की योजना बनाई है और एनजीओ बनाने का निर्णय लिया है. कानूनीसलाहकार और अनुभवी एनजीओ कंसल्टेंट्स यह बेहतर जानते हैं कि ज्ञापन तैयार करने के लिए क्या आवश्यकताएं हैं और किस प्रकार की धाराओं और बिन्दूओं को जोड़ा जाना चाहिए और विवाद से बचने या पूरे देश के कुछ क्षेत्रों में काम करने के उद्देश्य के साथ कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में या उससे परे उपलब्ध उपयुक्त कानूनी मापदंडों में क्या शामिल क्या जाना या नहीं किया जाना चाहिए और क्या शामिल होना या नहीं होना चाहिए. यदि मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन एक एनजीओ की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार नहीं होता है तो अनुदान और जिस स्थिरता की आवश्यकता होती है तो वह नहीं मिलने से यह पंजीयन और गठन बेकार और निरर्थक हो जाएगा. ऐसे में इस तरह के वांछित नियमों की आवश्यकता के समय के कुछ समय बाद मेमोरेण्डम में संशोधन की आवश्यकता भी हो सकती है.
      एनजीओ सलाहकार सेवा
      मेमोरंडम में सभी मामलों की शर्तें और जरूरतें निम्नलिखित मुख्य और सामान्य बिन्दूओं को शामिल कियाजाना होता है जो अक्सर अपेक्षित होता है:
      गैर सरकारी संगठन उद्देश्य / उद्देश्य / मिशन
      एक स्पष्ट विवरण घोषित करता है कि गैर सरकारी संगठन गैर-लाभकारी और कल्याणकारी (चैरिटेबल) है.
      गैर सरकारी संगठन के पंजीकरण और कार्य क्षेत्र के स्थान
      आवश्यक पदनाम वाले संस्थापक सदस्यों का नाम और बोर्ड या सदस्यों का नाम.
      सदस्यों, लाभार्थियों, सहयोगियों और संबंधित सदस्यों की व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्व की सीमा.
      एनजीओ के पूंजीगत स्टॉक और अन्य उपकरणों की व्याख्या करने के लिए
      कितने समय तक एनजीओ को निरस्त करने योग्य या अपरिवर्तनीय के रूप में मौजूद होने की उम्मीद है
      अन्य आवश्यक जानकारी और विवरण
      ड्राफ्ट बायलॉज़
      संगठन की जवाबदेही के साथ मौजूद अस्तित्व का प्रमाण मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन के बिन्दूओं पर आधारित होता है जो मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन की सामग्री, उप-नियम होते हैं. इसके बिन्दू, उपबिन्दू, नियमों, विनियमों, कार्यकारी प्रारूप (आपरेशन मोड), काम के पैटर्न, कार्य क्षेत्र, एनजीओ की जिम्मेदारियों और एनजीओ के उद्देश्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. संस्थापकों को एक गैर सरकारी संगठन के बिन्दूओं/उपन्यासों में उल्लेख करना होगा कि कैसे, किसके लिए यह चलाया जाना है, चलेगा और काम करेगा. नियम, उपनियम, बिन्दू, संरचना, शक्ति और संचालन विधियों और संगठन की प्रक्रिया निर्धारण का विवरण स्पष्ट करते हैं. उप-कानून अधिनियम और प्रक्रिया के कानूनी मापदंडों के अनुसार तैयार किए जाते हैं जिसके तहत गैर-सरकारी संगठन का गठन किया जा रहा है. संस्थान के बायलॉज़ संस्थापकों की उन आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए जिसके लिए संगठन की स्थापना कीजती है. बिना पूर्ण वांछित प्रक्रिया और विवरण का उल्लेख किये तैयारशुदा मेमोरेंडम – संविधान – आर्टिकल ऑफ़ इनकॉर्पोरेशन अधूरा और अपूर्ण होता है जो भविष्य में जन कल्याणकारी संगठन के रूप में एनजीओ के संचालान में व्यवधानकारी साबित होता है.
      गैर-सरकारी संगठनों के बायलॉज़ में घोषित कानूनी और आवश्यक विवरण से सही तरीके और मापदंडों के मुद्दों के संचालन और हल करने के लिए उपयोगी और मददगार होता हैं. गैर-सरकारी संगठन किस नतीजे के तहत पंजीकृत है या किस उद्देश्य के लिए पंजीकृत है इसके आधार पर उप-नियम अलग-अलग हो सकते हैं या अलग-अलग बिंदुओं / कोणों में उनको परिभाषित किया जा सकता है. यहां कुछ महत्वपूर्ण बिंदू और सूचनाएं हैं जिन्हें मेमोरेंडम में बायलॉज़ के एक हिस्से के रूप में शामिल किया जाना चाहिए:
      उद्देश्य / उद्देश्य / विज़न / मिशन
      गैर सरकारी संगठन के पंजीकृत कार्यालय का पता
      सदस्य नाम, सूची और सदस्यता के लिए मापदंड
      एनजीओ के बोर्ड सदस्यों की न्यूनतम और अधिकतम संख्या
      सदस्यों की सामान्य निकाय / बोर्ड और कार्यकारी समिति के सदस्यों की बैठकों का ढांचा और अवधि
      समितियों की संरचना
      सदस्यों, पदनाम (पोस्ट) धारक व कार्यालय पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां और कर्तव्य
      गैर-सरकारी संगठनों के मेमोरेंडम में विभिन्न बिन्दूओं को शामिल करने और तय करने का यह निर्णय लिया जाना चाहिए कि इसमें आमतौर पर किन उप-नियमों में क्या शामिल किया जाएगा. इसलिए, गैर-सरकारी संगठन के पंजीकरण के आवेदन जमा करने से पहले, इसके मेमोरेंडम में किन बिन्दूओं/क्लॉज़ को तय करने और स्वीकार करने के लिए क्या आवश्यक है; और उप-नियम तैयार करके मेमोरेंडम में शामिल किये जाने चाहिए.
      पंजीकरण के लिए मेमोरेंडम और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करना
      यदि आपने एनजीओ का नाम तय करके चुन लिया है, तो उप-नियमों और बिन्दूओं को बायलॉज़ में तैयार कर लिया है और बायलॉज़ पूरा तैयार कर लिया है तो आप संगठन को पंजीकृत और गठित कर सकते हैं. नियम और विनियमन विभिन्न स्थिति और विभिन्न रजिस्ट्रार कार्यालयों में अलग हैं. तो आप परामर्श फर्म या सलाहकारों से सलाह और सहायता ले सकते हैं. दस्तावेजों, फीस और उन्हें प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अलग-अलग राज्यों, जिलों और यहां तक कि स्थिति में अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग है. सभी कार्यालयों और पंजीकरण प्राधिकरणों में पंजीकरण के समय पर बोर्ड के सदस्यों, उद्देश्यों, मिशन वक्तव्य के संस्थापकों और नामों के नाम से ज्ञापन प्रस्तुत करना अनिवार्य है. अधिकांश मामलों में परामर्श सेवा की आवश्यकता है. इसलिए आपको कानूनी सलाहकारों की सहायता से ही रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज जमा कराने चाहिए.
      पंजीकृत दस्तावेज प्राप्त करें
      जब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्रार के समक्ष अवश्य दस्तावेज़ीकरण प्रस्तुत कर दिया जाता है और आवश्यक शुल्क जमा हो जाता हैं तो आप निश्चित निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण प्राप्त कर सकते हैं. विभिन्न स्थानों पर समय और पंजीकरण अधिकारी भिन्न हो सकते है.
      जनरल बॉडी के साथ शुरू करें – निदेशक मंडल की बैठक
      गैर सरकारी संगठन के पंजीकरण के बाद सभी या अधिकतर सदस्यों की पहली बैठक आयोजित की जानी चाहिए. यह निदेशक मंडल या न्यासी बोर्ड या प्रबंधन समिति या गवर्निंग काउंसिल की बैठक होगी जिसका मतलब है कि संस्थान के जनरल बोडी के सदस्यों की बैठक होगी. बैठक में प्रस्ताव निदेशक मंडल या न्यासियों के बोर्ड या प्रबंधन समिति या गवर्निंग काउंसिल के गठन या स्पष्टीकरण के बारे में प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए. बैठक में बोर्ड के सदस्यों को उन उप-नियमों को अपनाना पड़ता है जो बोर्ड और एनजीओ के कामकाज की व्याख्या करते हैं. यदि आप परामर्श सेवा लेते हैं तो सलाहकार आपको बैठक और उप-नियमों के बारे में मार्गदर्शन कर सकते हैं. गैर-सरकारी संगठन के सामान्य निकाय की पहली बैठक में यह बोर्ड के सदस्यों या न्यासी बोर्ड या प्रबंध समिति या गवर्निंग काउंसिल के गठन के लिए हल किया जाना चाहिए. निदेशक मंडल या न्यासियों के बोर्ड या प्रबंधन समिति या गवर्निंग काउंसिल के गठन के बाद गैर-सरकारी संगठन के जनरल बोडी की बैठक, कार्यकारी समिति के सदस्यों और कार्यालय पदाधिकारियों के लिए होनी चाहिए. बैठक में प्रस्तावों को सदस्यों और उपस्थित सदस्यों की सहमति और अनुमोदन से प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए कि गैर-सरकारी संगठन के कुछ सदस्य कार्यकारी निकाय सदस्यों और पदों के पदाधिकारी के रूप में नियुक्त किए जाते हैं जैसे अध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव, संगठन सचिव, सदस्य आदि. अन्य समितियों के गठन और प्रारंभिक कार्यक्रमों और परियोजनाओं को लागू करने के लिए बैठक होनी चाहिए और प्रस्ताव लिये जाने चाहिये. इस संबंध में एनजीओ सलाहकार आपको उचित कार्यवाही के बारे में बेहतर और कानूनी तरीके से मार्गदर्शन कर सकते है.
      प्रस्तावों के साथ निर्णय लेने के लिए बैठकें
      यदि गैर सरकारी संगठन और सदस्यों या जनरल बोडी या कार्यकारी समिति किसी भी निर्णय लेना चाहे या किसी व्यक्ति / बोर्ड / प्राधिकरण समिति या प्राधिकृत व्यक्ति को नियुक्त करना चाहे या किसी भी कार्यक्रम या परियोजना या किसी भी कार्य को शुरू करना चाहे तो इसके लिए संबंधित समिति/बोडी की बैठक आयोजित करनी होती है. बैठक में इस तरह की कार्रवाई या फैसले पर प्रस्ताव समिति के सभी सदस्यों या बहुमत से, सहमति और अनुमोदन के साथ लिया जाना चाहिए. किसी भी संगठन में निर्णय लेने और संगठन चलाने के लिए इसके कुल सदस्यों के आधे से ज्यादा या बहुमत का निर्णय स्वीकार्य होता है, जो कि लोकतांत्रिक तरीके और पैरामीटर पर आधारित है. समिति के सदस्यों या कार्यालय पदाधिकारी / कार्यकारी अधिकारी जैसे अध्यक्ष, सचिव आदि को बैठकों की कार्यवाही और पारित / अनुमोदित प्रस्तावों को लिखना पड़ता है, क्योंकि प्रस्तावों या फैसलों को संबंधित मुद्दों के हस्ताक्षर के साथ लिखित में आवश्यक है जिन्हें उन्होंने तय किया है या अनुमोदित किया है या उस मुद्दे या विषय या मामले पर निर्णय लिया
      लेखा प्रणाली (एकाउंटिंग) का प्रबंधन करें
      गैर-सरकारी संगठनों द्वारा किए गए व्ययों, कार्यक्रमों और उद्देश्यों के लिए निष्पादित किए गए व्ययों के लेन-देन का रिकॉर्ड रखना होता है, संसाधन और आर्थिक सहायता प्रदान करना होता है. गैर-सरकारी संगठन को संगठन के लेनदेन और व्यय का रिकॉर्ड रखने के लिए कोषाध्यक्ष या किसी व्यक्ति को बहीखाता पद्धति नियुक्त करनी होती है. लेनदेन में यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि वह प्रारूप और प्रक्रिया जिसके तहत और जिस माध्यम से धनराशी आर्थिक अनुदान या सदस्यता के रूप में आती है और इसका किस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है. आमतौर पर यह सलाह दी जाती है कि कोषाध्यक्ष या लेखाकार की सहायता से लेनदेन का रिकॉर्ड रख सकते हैं और लेन-देन के लिए बहीखाता पद्धति व्यवस्था तैयार की जा सकती है. लेखांकन भाग में पारदर्शिता होना चाहिए, क्योंकि यदि आप धन प्राप्त करने की अपेक्षा करते हैं या इसे बदले में अनुदानकर्ता आपके संगठन से पारदर्शिता की उम्मीद करते हैं. इसलिए जब किसी भी हिस्से में वित्तीय लेनदेन की जांच की सम्भावनाएं होती है और बनाये रखनी चाहिए तब इसके लेखांकन के निहितार्थ से निपटने के लिए एक प्रभावी लेखा प्रणाली भी होनी चाहिए. यदि आपकी गैर-सरकारी संस्था कार्यरत स्थिति में है और कुछ लेनदेन है तो आपको पूर्णकालिक या अंशकालिक एकाउंटेंट नियुक्त करना होगा.
      यह तय करना महत्वपूर्ण है कि बहीखाता पद्धति को नकद या संचय होना चाहिए. नकद आधारित लेखा एक प्रणाली है जहां:
      एक बैंक खाते में जोड़े जाने पर राजस्व रिकॉर्ड किया जाता है.
      जब बैंक से पैसा वापस ले लिया जाता है तो व्यय दर्ज किया जाता है.
      यह प्रणाली बहुत सरल है. हालांकि, यह केवल एनजीओ को बताना होता है कि बैंक खाते में कितना पैसा कहाँ से आया है, कितना कहाँ व्यय हुआ है और कितना शेष है. इसके अलावा और कुछ विशेष नहीं.
      यह तय करना महत्वपूर्ण है कि बहीखाता पद्धति को नकद या संचय होना चाहिए. नकद आधारित लेखा एक प्रणाली है जहां: एक बैंक खाते में जोड़े जाने पर राजस्व रिकॉर्ड किया जाता है.
      जब बैंक से पैसा वापस ले लिया जाता है तो व्यय दर्ज किया जाता है.
      यह प्रणाली बहुत सरल है हालांकि, यह केवल एनजीओ को बताता है कि बैंक खाते में कितना पैसा है और कुछ और नहीं. यह यह नहीं बताता है कि संगठन को कितना पैसा बकाया है या एनजीओ कितना पैसा लेता है.
      अर्जित की गई आय (पहले प्राप्त होने के बाद या बाद में हो सकती है)
      व्यय किए जाने पर व्यय (भुगतान के पहले या बाद में हो सकता है)
      सामान्य तौर पर, ऐसा लगता है कि प्रोद्भवन आधारित लेखांकन के माध्यम से उपलब्ध कराई गई जानकारी नकद आधारित लेखा से एक संगठन के लिए अधिक उपयोगी है, क्योंकि यह एक व्यापक वित्तीय चित्रण करते. यह एक गैर सरकारी संगठन को अपने तत्काल भुगतान और जमा राशि को देखने की अनुमति नहीं देता है, बल्कि भविष्य में वह किस प्रकार का धन दे सकता है या क्या प्राप्त कर सकता है. इससे संगठन को अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है
      अन्त में, एक बार गैर सरकारी संगठन का फैसला करता है क्या बहीखाता प्रणाली होना चाहिए, यह जरूरी है कि सभी वित्तीय लेनदेन दस्तावेज और मुनीम द्वारा वित्तीय पत्रिकाओं में दर्ज हैं. लेनदेन को क्रमांकित किया जाना चाहिए और कालानुक्रमिक क्रम में डाल देना चाहिए और आपको धन्यवाद देना होगा कि प्रत्येक दान प्राप्त करने के लिए आवश्यक नोट्स आवश्यक हैं. धन्यवाद नोटों को कॉपी किया जाना चाहिए और पत्रिकाओं में जोड़ा जाना चाहिए, साथ ही चेक स्टब्स और जमा रसीदें भी निधि के दुरुपयोग से बचने के लिए और कार्यक्रमों के लिए कुशल व्यय सुनिश्चित करने के लिए लेखाकार के साथ अच्छी तरह से सुप्रबंधित होना चाहिए.
      अनुदान के रूप में धन संग्रह करने की योजना निर्धारित करो
      एक एनजीओ के लिए आवश्यक धन मुख्य रूप से अपने शैक्षिक और सामाजिक कार्यक्रमों में चला जाता है, एनजीओ (प्रशासन, उपयोगिताओं), और परियोजनाओं (सर्वेक्षण, कार्यक्रम देकर) का समग्र संचालन. निदेशक मंडल और कार्यकारी निदेशक दोनों को सक्रिय रूप से धन उगाहने में सक्रिय होना चाहिए और यह महत्वपूर्ण है कि लेखन अनुदान, योगदान मांगना, और अन्य धन उगाहने वाले कुशल एनजीओ के विकास में शुरुआती कौशल हासिल किए जाएं.
      अनुदान केजरिए धनराशी प्राप्त करने के लिए सबसे पहले इसकी रणनीति बनायें. इसके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि एनजीओ की क्या ज़रूरतें हैं और कौन से स्रोत इन जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. संभावित दाता के साथ विश्वास बनाने के लिए कार्यकुशलता, निरंतर संवाद और जवाबदेही महत्वपूर्ण हैं. इसके अलावा, एक व्यक्ति या समूह एक कार्यक्रम, गतिविधि या एनजीओ का समर्थन क्यों कर रहा है, यह समझना भी उपयोगी है ताकि उन्हें दूसरी बार या लगातार संसथान हेतु आर्थिक योगदान करने के लिए मदद ली जा सके.
      यहाँ कुछ उदाहरण प्रस्तुत किए जाते हैं जिनके जरिये एक गैर-सरकारी संगठन वित्त पोषण योजना तय करने का विकल्प चुन सकता है:
      फाउंडेशन्स. आम तौर पर आसानी से उपलब्ध दिशानिर्देश हैं जो अनुसंधान के माध्यम से बता सकते हैं कि किस तरह के एनजीओ वे निधि और अनुदान के लिए आवेदन कैसे करें. तीन विभिन्न प्रकार के फाउंडेशन्स हो सकते हैं.
      अधिकांश फाउंडेशन्स स्वतंत्र फाउंडेशन्स की श्रेणी के अंतर्गत आते हैं जहां ज्यादातर फंड व्यक्तिगत, परिवार या ग्रुप एंडोमेंट्स से आता है.
      समुदाय फाउंडेशन स्थानीय स्रोतों से धन प्राप्त करते हैं और इसे स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों को वितरित करते हैं.
      कॉर्पोरेट फाउंडेशन कानूनी रूप से व्यावसायिक निगमों द्वारा स्थापित किए गए हैं और ट्रस्टी द्वारा संचालित होते है वे उन समुदायों का समर्थन करते हैं जिनमें निकाय संचालित होता है.
      निगम और व्यवसाय जो कि सामुदायिक संबंधों या सार्वजनिक संबंध विभागों में काम करते हैं. ये विभाग उन समुदायों में कई दान कर देते हैं जहां कंपनी संचालित करती है और आमतौर पर स्थान की परवाह किए बिना गैर सरकारी संगठनों को अनुदान प्रदान करती है.
      धार्मिक समूह स्थान की परवाह किए बिना संगठनों को निधि देते हैं.
      निजी अनुदानकर्ता व्यक्ति, एनजीओ को दीर्घकालिक फंडिंग या अल्पावधि वित्तपोषण प्रदान कर सकते हैं.
      अतिरिक्त कार्यक्रम
      अगर पिछले दस चरणों का पूरा कर दिया जाता है तो उसके बाद, जिस गैर सरकारी संगठन की नींव स्थापित की गई है उस गैर-सरकारी संगठन के पूरी तरह से संचालित होने से पहले ही कुछ ऐसे विविध कार्य हैं जो पूर्ण किए जाने चाहिए. इनमें से निम्न कार्य शामिल हैं:
      कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को अनुबंधित करना
      कार्यक्षेत्र के बाहर तक पहुंचना और समाज मेंपहचान बनाना
      कार्यालय की बुनियादी जरुरतों की आपूर्ति करना (फर्नीचर, कंप्यूटर, मशीनरी)
      एनजीओ का कार्य सुनश्चित करना
      होल्डिंग ओरिएंटेशन
      इस कार्यक्रम के पश्चात संगठन की गतिविधियों को कार्यान्वित किया जा सकता है. इसमें हो सकता है कि इसमें एक साल लग जाए और हो सकता है इसके पश्चात ये सफल साबित होवें. पहले वर्ष के अंत में, यह सुनिश्चित करने के लिए मिशन, लक्ष्यों और दृष्टि की समीक्षा करना महत्वपूर्ण है कि एनजीओ ट्रैक पर रहे. कार्यक्रमों और गतिविधियों की निरंतर समीक्षा करते रहना चाहिए कि क्या फायदेमंद है जिसे बनाये रख सकते हैं या बदला जा सकता है

      Reply
  • gr sen

    सर हम पार्टनरशिप मै जॉब प्लेसमेंट एजेंसी खोलना चाहते है इसके लिए क्या प्रोसेस होगी ओर कोन कोनसे रजिस्ट्रेशन होंगे कृपया बताए ॥॥ धन्यवाद ॥

    Reply
    • Dear G R SEN .
      “Private placement agencies operating and providing domestic workers in the Capital will now be mandatorily required to register themselves on the Delhi Government’s Labour Department website. An executive order was passed to this effect on September 25 by the Lieutenant-Governor Najeeb Jung.

      Officials said that agencies will have to register under Delhi Shops & Establishment Act, 1954 and will have to get a licence from the concerned Deputy Labour Commissioner, District Office in the prescribed format.

      “The Private Placement Agencies without registration and licence shall not be allowed to work in the Capital. Any violation will invite a fine of Rs. 50,000 and their registration/license will also be cancelled/ revoked,” the official said.

      The Delhi Commission for Women and Child Welfare Committees have also been conferred powers and responsibilities for checking exploitation of domestic workers at the hands of placement agencies.”

      PArtnership firm ke liye page me vistaar se diya hua hai follow karen

      Reply
  • Vrijanand yadav

    Sir aap great hai thanks aap bahut achhe business Idea dete hai to sir mujhe bhi bataye ki business karne ke liye kya uski padhai karni padegi munhe pure business ke bare me jankari chahiye kya karna padega please

    Reply
    • Thanks a lot Dear Vrijanand Yadav,

      Padhayi nahi knowledge chahiye business k liye….pehle tay karen kya karna hai ..specific hoiye..phir puchhiye ho sakta hai maion aapki kuchh madad kar sakun

      Reply
  • faraz khan

    Sir mai apni shop me e- stamp ka kaam karna cahta hu..
    Aap plz mujhe bataye ki mai is kaam ko kese start karu ?
    Kya kya karna hoga mujhe ?
    Step by step bataye.

    Reply
  • biraj

    Mai ek chamical ki chota pvt kholna chahta hu jo ki hand wash soap wegera banta ho uske liye kiya karni hoga Sir plz

    Reply
  • Sushil ku patel

    Sir work contrect ke business me kon kon se goods ka antry kar Sakte hai jiska ham input le sakte hai.

    Reply
  • dinesh panwar

    hello sir m sarf pawder ki factryi dalna chata hu mujhe kha kha ragstesan karna h our uske leye kya kya chahiye plz mujhe shujw de dhanywad.

    Reply
    • Dear Dinesh ji,
      a) You have to Register your Business in India as Sole Firm/Partnership Firm/LLP/OPC.

      b) You have to require open a current bank account on your Business Name

      c) You have to Apply for the SSI Unit License for the Government Subsidiary and other small business benefits.

      d) You will need to apply for ‘Consent to Establish’ and ‘Consent to Operate’ both from Pollution Control Board. For quality control, you need to have BIS registration and IS:4955-1968: specification is required for synthetic detergent powder for household use.

      e) You have to Apply for the Trademark Registration so you can protect your brand name.

      Reply
  • SATYENDRA SINGH

    HELLO SIR MEIN 1 ONLINE RTO TAX SUBMIT KARNE AUR TRUK ADI KA E WAY WILL BANANE KA KAAM KARNA CHAHTA HOON ISKE LIYE MUJHE KYA REGISTRATIONS LENA PADEGA …. PLEASE TELL ME

    ITS URGENT……..

    Reply
  • Sir my abhi rjistesn ke liye gumra hu pr ho nhi para hai

    Reply
  • durgesh gusain

    Sir muje gst no chye sir salha dijiye plz

    Reply
    • Dear Durgesh ji,
      najdiki Tax consultant ya CA k paas jaiye yadi aapke paas pehle se registration hain to migration karwa lijiye yadi nahi to naya GSt no. mil jayega

      Reply
  • denish kumar

    8808750857 Mai business shuru Kiya hu direct selling ka lekin Mai sambhal nahi pa raha hu iske liye koi upay batay

    Reply
    • Denish Kumar Ji,

      sabhi business me lagbhag 3 saal time lagta hai puri tarah establish hone me..aap ne bataya nahi hai ki aap ka kaarya kabse shuru hua hai…dheeraj rakhen aur apni mehnat par bharosa rakhen….kaam karte rahiye aur naye tareeke dhudhiye

      Reply
  • Jayesh sonagara

    Dear sir
    Me Electrical contractors ban na chahta hu to muze Kya Kya karna padega konsa license banvana padega or konsa registration karvana padega
    Sir please reply me advice
    Sonagara
    From – – Dwarka

    Reply
    • Dear Jayesh,

      PROCEDURE FOR CONTRACTORS REGISTRATION

      Applications in the prescribed format are invited from financially sound contractors for registration with ITI Limited, NS Unit for Civil, Electrical and Mechanical works to be executed by us.
      SCOPE:
      The Registration is applicable for Civil, Electrical and Mechanical works to be executed for all type of turnkey project for entire length and breadth of India including Northeast states and Jammu and Kashmir.
      Norms for Registration:
      1.The contractors shall have a valid license issued by the respective State Licensing Board for executing the Civil, Electrical and Mechanical works.

      2.The Contractors shall have a good financial capacity/background and shall have reference of works executed in Central/State/Public Sector undertakings/ PGCIL/ BSNL /ONGC /DOT / Railways/CPWD/ State P W D/ Reputed Private Organizations/Builders.

      3.The Contractors shall have sufficient technical manpower to organize, execute & supervise the work and also shall have required tools gauges / meters/ machinery and infrastructure for the effective execution of the work.

      Registration
      1. Rules for Registration of Contractors
      1.01
      For registration, the contractor shall submit an application in the proforma (Annexure’A’) to the
      Superintending Engineer (HQ) or to the concerned Executive Engineer as the case may be. The
      application shall be accompanied by following documents.
      i)
      Latest Bank Solvency Certificate in the proforma (Annexure ‘B’) Validity shall be
      considered for 12 months from the date of issue. Contractor from outside Maharashtra
      State, shall submit the original Solvency Certificate issued by the Nationalised scheduled
      Bank located in State of Maharashtra.
      ii)
      List of work together with the information in the proforma (Annexure ‘C’) supported by the
      original / attested copies of the certificates from the concerned Departmental Authorities
      in similar proforma alongwith the performance certificate. Works carried out as supervisor
      or sub contractor will not be considered.
      iii)
      In case of private works (a) Certificate from Licenced Architect on his letter head must be
      produced. The Licence No. of Architect and certificate about works should be submitted
      in the proforma (Annexure ‘D’) duly furnished by the Architect. (b) Value of private works
      will be considered 50% only. (c) Private works carried out, out of the State of
      Maharashtra will not be considered. (d) Private works shall be certified by the Chartered
      Accountant and included in the Annual Turnover. (e) In support of private works done,
      necessary copies regarding permission of MCs/GPs shall be produced. (f) Sr.No. 5 of
      Annexure’D’ of this Booklet be observed. (g) Income Tax Deductions form 16 be shown for
      private works.
      iv)
      Upto-date Income Tax clearance certificate.
      v)
      List of Technical personnel employed by the contractor with their qualification and
      experience. The minimum persons
      For Cla ss I,IA& II Ca te gory
      2 Graduates
      4 Diploma Holders
      6 Tech.Asstts./ITI(with 5 years experience)
      For Class III & IV Category
      1 Graduate 1 Diploma
      2 ITI
      Class V and above
      1 Graduate or Diploma
      1 ITI
      For Ele ctrica l Me cha nica l Cla ss A & B
      B.E.(Elect.)
      D.E.E.(Elect.)
      2 Supervisors having Govt. Licence
      vi )
      List of machinery owned by contractor with its present condition and location
      vii)
      Attested copy of partnership deed of the firm duly registered with Registrar of Firm in
      case of Partnership firm. Certificate from Registrar of firm, is essential
      viii)
      Attested copy of latest power of Attorney.
      ix)
      Attested copy of Registration under Labour Act,1970.
      x)
      Biodata in case of the individual as sole proprietor should be produced.
      xi)
      Attested copy of Registration with PWD/CPWD/BMC/ Other Govt. Department / Semi
      Govt. if so.
      xii)
      All typed and xerox copies and photographs of individual / partners / Directors / Power of
      Attorney holders should be attached duly attested by a Gazetted Officer / Executive
      Magistrate / Competent Authority.
      xiii)
      The contractor applying for registration shall pay 50% of the registration fee, (by D.D.in
      the name of Maharashtra Jeevan Pradhikaran payable @ Mumbai only) which will be non-
      refundable alongwith his application form for the class in which he intends to get himself
      registered. If his application is accepted, he shall pay the remaining 50% registration fee.
      xiv)
      Specimen signature duly attested by the Gazetted Officer / Executive Magistrate
      (
      Annexure ‘E’
      )
      Doc uments
      required
      for registration
      ()
      xv)
      Certificate regarding
      a) Termination of contract agreement under clause3(a)
      b) Black listing for any reason should be given in proforma (Annexure ‘F’)
      xvi)
      An undertaking should be produced in proforma (Annexure ‘F’)
      xvii)
      a) Attested copies of Sales Tax Certificate in the name of firm for the last 3 years be
      furnished
      b) Attested copies of registration under the Maharashtra Sales Tax on the transfer of
      property in good involved in the execution of works contract Act, 1985 turnover Tax.
      xviii)
      Attested copy of a Govt. Licence as per Govt. in Industry, Energy and Labout Department
      letter No. IEA-1088/CR/1300/Electricity-2 dt. 30.3.1989. This is applicable only for
      electrical / mechanical contractors.
      xix)
      Original confidential reports atleast 2 Nos. reviewed by the officer not below the rank of
      SE/CE as the case may be. Validity of original application form and of the documents
      submitted will be only one year from the date of purchase and submission.
      1.02
      General Civil Works
      Class of
      Category
      Amount
      upto w hich
      works can
      be taken
      (Rs.in lakhs)
      Minimum
      solvency
      required
      (Rs.in
      lakhs)
      Average
      annual
      turnover of
      las t 3 ye ars
      (Rs.in lakhs)
      Estimated cost
      of w ork in
      balance during
      the years
      (Rs.in lakhs)
      Re g is t –
      ration
      fees in
      Rs .
      Re g is t –
      ration
      sanct-
      ioning
      authority
      Re g is t –
      ration
      authority
      1
      Without limit
      250
      500
      750
      30,000/-
      M.S.
      SE(HQ)
      1(a)
      2000
      200
      400
      600
      20,000/-
      M.S.
      SE(HQ)
      II
      750
      75
      200
      300
      9,000/-
      M.S.
      SE(HQ)
      III
      300
      30
      90
      150
      7500/-
      Regional
      CE
      Regional
      CE
      IV
      150
      15
      60
      80
      6000/-
      RegionalCE RegionalCE
      IV(a)
      90
      9
      40
      60
      5000/-
      SE
      EE
      V
      50
      5
      25
      30
      4000/-
      SE
      EE
      VI
      15
      2
      7.5
      10
      2000/-
      SE
      EE
      VII
      7
      1
      1.5
      3
      1000/-
      EE
      EE
      For Electrical / Mechanical Contractors
      A
      WithoutLimit
      15
      50
      100
      5000/-
      M.S.
      S.E.(HQ)
      B
      50
      10
      25
      50
      3000/-
      Regional
      CE
      Regional
      CE
      C
      25
      5
      10
      25
      2000/-
      SE(Circle)
      EE MJP
      D
      10
      2.50
      5
      10
      1000/-
      SE(Circle)
      EE MJP
      E
      2
      0.50
      1
      2.50
      500
      SE(Circle)
      EE MJP
      Financial Criteria &
      Competent Authorities
      for registration
      1.03
      Registration once granted will be valid for a period 3 years from the date of order of sanctioning the
      registration unless there are adverse circumstances.
      Pe r i o d o f
      registration
      1.04
      Registered contractor shall submit the annual return ending March of every year in the
      proforma(Annexure G)
      Submission of
      annual returns
      by contractor
      1.05
      A Labour’s Co-operative society shall be given registratgion in class VI or Class – V on its applying
      in the prescribed form accompanied by a certificate from the Registrar of District Federation
      regarding its capacity and financial resource in lieu of Solverncy or banker’s certificate, a certificate
      of professional capacity, from the Executive Engineer in whose division its carried out works and
      necessary registration fees. Such registration will be valid for a period of 3 years from the date of
      issue of orders provided the society remains registered with the Registrar during that period and
      shall be renewed on production of fresh certificate from the Registrar / Dist. Dy.Registrar or District
      Federation regarding its capacity and financial resource and a certificate of professional capacity
      from concerned Executive Engineer before expiry of the validity period. A labour Co-op.Society shall
      be eligible to allot the works costing upto Rs.2.00 Lakhs. If the society is registered with the
      Registrar of Co-op. Societies.
      Registration of
      Co-operative Societies
      106
      Unemployed Graduates Diploma-A M I E
      holders in Civil /
      Electrical engineering who are
      Registration of
      1
      .
      06
      Unemployed
      Graduates
      ,
      Diploma-A
      .
      M
      .
      I
      .
      E
      .
      holders
      in
      Civil
      /
      Electrical
      engineering
      who
      are
      domiciled in Maharashtra and have passed the qualifying examination and have obtained the degree
      or diploma from University / Institution, recongnised by the Director of Technical Education.
      Maharashtra State / State concerned, may get themselves directly registered in class VI in case of
      Civil Engineers and in Class D in case of Electrical Engineers by applying in the prescribed
      proforma to be accompanied by the following
      a)
      Application in prescribed form (Appendix ‘C’)
      b)
      Attested copy of certificate of Degree/Diploma /A.M.I.E. Examination.
      c)
      Domicile certificate
      d)
      Receipt of 50% amount of registration fee.
      e)
      Attested passport size photograph
      f)
      Certificate from the Director, Technical Education, Maharashtra State stating that the
      Institution conferring the degree / diploma in Engineering / Polytechnic, if situated outside
      Maharashtra State, is recognised Institution.
      This concession will be available for a period of 10 years from the date of passing the
      respective degree or Diploma Examination.
      The Engineer registered as above, shall be exempted from the payment if (i) Earnest
      money and (ii) Security Deposits to be extent of 50% of what is normally due in each
      case. In respect of 50% of security deposit (which is required to pay) a nominal amount
      of 1% of the estimated cost subject to a minimum of Rs.100/- shall be recovered initially
      and the rest by a pro-rata deduction from b
      ills.
      The members who have completed Building Maintenance and Civil Engineering
      Assistance Course from Industrial Training Institute and Vocational Training Board may
      get directly registered in Class VII. They have to apply in prescribed proforma alongwith
      attested copy of
      a) Certificate of particular course
      b) Solvency certificate
      c) Registration fee
      d) Domicile certificate
      This concession is available for a period of 10 years passing of respective course.
      The members registered as above shall get exemption in payment of earnest money
      deposit and security deposit given to Engineers as above.
      Regis tr ation
      of
      Graduates and
      Diploma holder
      Engineers.
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      Reply
  • Manish

    सर मैं कांट्रेक्टर बनना चाहता हूँ और मेरा क्वालिफिकेशन NIIT से two year diploma software and hardware engineer का है और मैं 2013 से सिविल में CPWD के कांट्रेक्टर के साथ काम कर रहा हूँ और हमे अनुभव हो गया हैं मैं सोच रहा हूँ कि हम अपना फर्म रजिस्टर करवा लें। हमारे पास B.tech civil engineer का सर्टिफिकेट नही है अगर हमारे दोस्त के पास B.tech civil engineer का सर्टिफिकेट है तो क्या और कैसे करना होगा। और हमे डीड पार्टरशिप deed partnership और जॉइंट वेन्चर joint vencture के बारे में बताये। plz sir help me

    Reply
    • Dear Manish ji…

      Meaning Joint Venture is a business formed by two or more than two persons for a limited period and a specific purpose. A business arrangement where two or more persons agree to carry on business and have mutual share in the profits and losses, is known as Partnership.
      Governing Act There is no such specific act. The partnership is governed by the Indian Partnership Act, 1932.
      Business carried on by Co-venturers Partners
      Status of Minor A minor cannot become a co-venturer. A minor can become a partner to the benefits of the firms.
      Basis of Accounting Liquidation Going Concern
      Trade Name No Yes
      Ascertainment of Profit At the end of the venture or on interim basis as the case may be. Annually
      Maintenance of separate set of books Not necessary Mandatory

      Summary
      1. Joint venture involves two or more companies joining together in business. In partnership, it is individuals who join together for a combined venture.
      2. A Joint Venture is a contractual arrangement between two companies, which aims to undertake a specific task. Partnership involves an agreement between two parties wherein they agree to share the profits and losses.
      3. The members in a partnership can claim CCA as per the partnership rules. Joint ventures on the other hand can use as much or as little of the CCA as they wish.

      or

      Key Differences Between Joint Venture and Partnership

      The following are the major differences between the Joint Venture and Partnership:

      A Joint Venture is a type of business arrangement which is formed for accomplishing a particular project. The agreement between two or more than two persons for carrying business and sharing the profits thereof is known as the Partnership.
      The Indian Partnership Act governs the partnership, 1932 whereas there is no such statute in the case of the joint venture.
      The parties involved in the joint venture are known as co-venturers while the members of the partnership are called partners.
      A minor cannot become a party to Joint Venture. Conversely, a minor can become a partner to the benefits of the partnership firm.
      In Partnership, there is a specific trade name, which is not in the case of Joint Venture.
      A Joint Venture is formed for a short duration, and that is why going concern concept does not apply to it. On the other hand, the Partnership is based on going concern concept.
      In Joint Venture, there is no specific requirement to maintain books of accounts, but in partnership the maintenance of books of accounts is compulsory.

      Kindly consult your tax consultant Or CA

      Reply
  • Avinash Sahu

    Sir aap hme ye bataye ki start me hi dukan khelne par tin number banvani jaruri hai

    Reply
  • Akash chandekar

    Sir,
    mujhe Electrical me contract shuru karwana hai, to uske liye main kya kru aur kaise kru.
    Plz plz plz sir bataeye na

    Reply

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