जब रिमझिम -रिमझिम वर्षा आती

jab rimjhim rimjhim varsha aati

दोस्तों , यह कविता मेरी लाड़ली बेटी “गुनगुन ” और छोटी-२ प्यारी -२ बच्चियों “Girl Child” को समर्पित है …आइये हम भी कुछ पल बच्चो की तरह जियें …..एक सुन्दर और स्वच्छ मन से …बिना किसी चिंतन और चिंता के ….जब भी वह पास आती है तो यूँही वर्षा जैसा एहसास साथ लिए आती है ….मन झंकार उठता है …शीतल हवा के झोकें जैसा …कोयल की तरह कूँ-कूँ करती हुई ….जीवन में हरियाली ले आती है …

जब रिमझिम -रिमझिम वर्षा आती 

जब रिमझिम -रिमझिम वर्षा आती

मन उपवन में खुशियां लाती

सौंधी सौंधी महक माटी की

मन वीणा के तार बजाती

मोर नाचते वन उपवन में

कोयल मीठे राग  सुनाती

भौरे “गुनगुन” करते रहते

तितली फूलों पर मँडराती

काले -काले मेघ गगन में

शीतल मंद हवा सहलाती

हरियाली  जीवन में आये

जब रिमझिम -रिमझिम वर्षा आती

gungun

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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” भारत सरकार का अभियान है इसका हिस्सा आप भी बनिए …आइये हम भी लोंगो को जगाये …लोंगो को समझाए …..बेटी जीवन है ……बेटी हर रिश्ता है ..यह रिश्ता बहुत खूबसूरत है …… आइये इस रिश्ते से प्यार करें …….भ्रूण हत्या रोकिये ….

Santosh Pandey

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