यदि तुम उड़ नहीं सकते हो, तो दोड़ो :मार्टिन लुथर किंग, जूनियर

दोस्तों,

मार्टिन लूथर किंग  को अमेरिका में नीग्रोज़ को उनके मौलिक अधिकार दिलाने के लिए याद किया जाता है…..आइये हम जानते हैं इनके कुछ विचार जिन्होंने देश में एक नई क्रांति का बिगुल छेड़ दिया था ..सत्य अहिंसा के पुजारी थे मार्टिन लूथर किंग जूनियर ….

“I have a dream”………
यदि तुम उड़ नहीं सकते हो, तो दोड़ो,
यदि तुम दोड़ नहीं सकते हो, तो चलो,
यदि तुम चल नहीं सकते हो, तो रेंगो,
लेकिन तुम जैसे भी करो,
तुम्हें आगे बढ़ना ही पड़ेगा।

 

मैंने प्रेम को ही अपनाने का निर्णय किया है। घृणा करना तो बेहद कष्टदायक काम है।”
हमें सीमित निराशा को स्वीकार करना चाहिए, लेकिन  असीमित आशा को कभी नहीं भूलना चाहिए।
सही काम को करने के लिए, समय हर क्षण सही होता है.
“आँख के बदले आँख” के प्राचीन सिद्धान्त से तो एक दिन सभी अंधे हो जाएंगे।
हमें भाईयों की तरह मिलकर रहना सीखना पड़ेगा, वरना मूर्खों की तरह लड़कर सभी बर्बाद हो जाएंगे.”
व्यक्ति का निर्णायक आंकलन इससे नहीं होता है कि वह सुख व सहूलियत की घड़ी में कहाँ खड़ा है, बल्कि इससे होता कि वह चुनौती व विवाद के समय में कहाँ खड़ा होता है।
दीर्घायु होना नहीं बल्कि जीवन की उत्कृष्टता महत्वपूर्ण होती है.”
अंधकार को अंधकार से नहीं, बल्कि प्रकाश से ही दूर किया जा सकता है. नफरत को नफरत से नहीं, बल्कि प्यार से ही खत्म किया जा सकता है..

 

हमारे जीवन का उस दिन अंत होना शुरू हो जाता है, जिस दिन हम उन मुद्दों के बारे में चुप हो जाते हैं जो आम समाज के लिये मायने रखते हैं।
– मार्टिन लुथर किंग, जूनियर.

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आप कमेंट बॉक्स में अपने विचार लिख सकते हैं और हाँ मेरी किताब २१ ways to find your destiny यूँही पढ़ते रहिये ....धन्यवाद
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