Work culture Vs Work Place

दोस्तों , आज हम बातें करेंगे work place  और work culture की ..आज हर छोटी बड़ी कंपनी दावा करती है बेस्ट वर्क कल्चर देने की ..जबकि देखा गया है की कई छोटी -२ कमियों पर ध्यान नहीं दिया जाता जिससे यह दावा बेकार होता प्रतीत होता है .
इन छोटे -२ कारणों पर ध्यान नहीं दिया गया अथवा मैनेजमेंट ने ध्यान देने नहीं दिया जैसे – एम्प्लोयी की छुट्टियां ,अटेंडेंस ,प्रमोशन पॉलिसीस जिसमे पारदर्शिता नहीं होती जिनसे Employee और management के बीच के रिश्ते में कड़वाहट आती है
ऐसा देखा गया है की वर्क प्लेस पर बहुत सारे विवाद Communication Gap की वजह से होते हैं जिन्हे आसानी से हल किया जा सकता था ,जूनियर एम्प्लोयी अपने सीनियर या मैनेजमेंट के सामने अपनी बात नहीं रख पाता या उसके बात की वैल्यू नहीं होती तब नतीजा यह होता है की बहुत से एम्प्लोयी कंपनी से चले जाते हैं जबकि बात करने से यह कम किया जा सकता था .
एम्प्लोयी को प्रभावित करने वाले किसी भी फैसले में उनकी या उनके किसी प्रतिनिधि की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होने से एम्प्लोयी के बीच सही सन्देश नहीं जा पाता ,या यूँ कहूँ की उनकी भागीदारी अनेक आने वाले तनावों को कम कर देती है

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नियम बना दिए जाते हैं तथा उन पर कड़ाई से पालन करने का दबाब भी बनाया जाता है परन्तु यह हम भूल जाते हैं की नियम कार्य को करवाने के लिए बनाये जाते हैं यदि कोई एम्प्लोयी किसी कार्य हेतु नियमों में छूट माँगता है तो उसे देना चाहिए ऐसा मेरा मानना है .
अपने Talent को तो सब ही बढ़ावा देते हैं परन्तु आसपास के टैलेंट को पहचान कर उसको बढ़ावा देना चाहिए उनका प्रोत्साहन करना चाहिए
वर्क प्लेस पर सिर्फ दूसरों की बुराई करते रहेंगे तो आपका समय व्यर्थ जायेगा ,आप सही वक़्त पर कार्य पूर्ण नहीं कर पाएंगे .आपको ऐसे लोगों से भी बचना चाहिए जो आपका समय और ऊर्जा बर्बाद करते हैं नकारात्मक विचारों से दूर रहें .
प्रत्येक ऑफिस में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो आपकी बात को बदल कर पेश करते हैं इससे आपकी छवि ख़राब होती है ऐसे लोग दूर से भोले नजर आते हैं और आपसे दोस्ती करके आपका ही बुरा करते हैं
कई बार आपको वर्क प्लेस में गुस्सा आता है ऐसी परिस्थिति में आपको शांत रहना चाहिए क्यूंकि आपकी छवि और आपका कार्य दोनों खराब हो सकते हैं
वर्क प्लेस पर कुछ लोग बहुत मेहनती होते हैं तो कुछ काम बिगाड़ते है ऐसे लोगों से सावधान रहिये ..ये लोग शुरू में आपके साथ रहेंगे और कार्य के महत्वपूर्ण भाग में गायब हो जायेंगे ..
दिमाग खुला रखिये इसमें कोई शक नहीं की आप सबसे योग्य और सक्षम हैं परन्तु आप यह सोचते हैं की आपके पास हर सवाल का जवाब है तो आप गलत कर रहे हैं .आप पुरे रौब के साथ रहते हैं बिना किसी से पूछे निर्णय लेते हैं ,पूरी ताकत अपनी मुट्ठी में रखते हैं तो आपकी टीम के लोग आपसे दूर चले जाते हैं
आपको वर्क कल्चर ऐसा विकसित करना चाहये जहाँ हर कोई ईमानदारी से अपनी बात कह सके ,ज्यादातर आपको हर बात हाँ में पसंद आती है तो यह स्थिति आपकी कंपनी के लिए अच्छी नहीं है

ये रही कुछ अनुभव की बातें ..अब आप पर निर्भर हैं की आप किस तरह के एम्प्लोयी हैं या किस तरह के सीईओ हैं या किस तरह के मालिक हैं …………………….इन बातों पर जरा ध्यान से सोचिये ये आपकी किस्मत या आपकी कंपनी की ताकत दोनों बदल सकती हैं ..एन्जॉय योर सक्सेस

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Santosh pandey

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One comment

  • Ddm

    Nice Blog ………….keep it up….write something on school culture…

     
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