parivartan | Santosh Pandey.in

परिवर्तन

दोस्तों , आज आपके लिए विचार लाया हूँ “परिवर्तन ” ..ध्यान से पढ़े और अपने जीवन में समय के सदुपयोग का असर और परिवर्तन का योग देंखें …
समय के साथ परिवर्तन प्रकृति का नियम है. परिवर्तन से ही विकास होता है. बदलाव के साथ नयी चीजें अविष्कृत होती है. नए सिद्धांत व नियम आते हैं. बदलाव से ही प्रगति के नित नए आयाम व प्रतिमान स्थापित होते रहते हैं. ये बदलाव ही समस्यायें हैं. समय पर बदलाव को अपनाना ही सफलता की कुंजी है. इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण समय को समझना जरूरी है. समय ही एकमात्र ऐसा धन है जो ईश्वर ने सबको बराबर बांटा है. समय का चक्र अपनी गति चलता रहता है. समय ऐसी अमूल्य निधि है जिसका उपयोग कर सकते हैं. अच्छे कार्य में निवेश कर सकते हैं. बुरे कार्य में दुरुपयोग कर सकते हैं. इस निधि को सोने, चांदी या हीरे की तरह बचा के नहीं रख सकते हैं. इसका उपयोग, खर्च या निवेश नहीं करेंगे तो यह नष्ट हो जायेगा. खोया पैसा आप वापस कमा सकते हो, परन्तु समय हाथ से निकल जाने के बाद वापस कभी नहीं ला सकते. समय का सदुपयोग कर कोई आगे निकल जाता है जबकि कोई समय को व्यर्थ खर्च करके इसकी कमी का रोना रोता रहता है. समय के साथ कदम से कदम मिलाकर नहीं चलने वालों के हिस्से में पश्चाताप ही आता है. समय के महत्व को और समझाना हो तो,
एक वर्ष की कीमत जानने के लिए, उस छात्र से पूछो जो Fail हुआ हो.
एक महीने की कीमत जानने के लिए, उससे पूछो जो समय से एक महीने पहले बच्चे की मां बनी हो.
एक सप्ताह की कीमत जानने के लिए, एक साप्ताहिक के संपादक से पूछो.
एक दिन की कीमत जानने के लिए, दिहाड़ी मजदूर से पूछो.
एक मिनट की कीमत जानने के लिए, उस यात्री से पूछो जिसकी ट्रेन छूट गयी.
एक सेकंड की कीमत जानने के लिए, दुर्घटना से बचे हुए व्यक्ति से पूछो.
एक सेकंड के 100 वें हिस्से की कीमत जानने के लिए, ओलम्पिक में किसी रेस के Runner से पूछो.
बैंजामिन फ्रेंकलिन ने सही कहा है, “खोया हुआ समय कभी नहीं लौटता.”
इसलिए कबीरजी के कहे अनुसार ही समय का महता समझ कर इसका उपयोग करना चाहिए
,
“काल करे सो आज कर, आज करे सो अब।
पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगो कब ॥”
अर्थात कल करना है उसे आज करो और जो आज करना है उसे अभी करो. जीवन बहुत छोटा होता है पल भर में ख़त्म हो सकता है, फिर तुम कब कर लोगे !!
Jim Rohns ने सही कहा है, “समय पैसे से ज्यादा कीमती है. आपको और अधिक पैसा मिल सकता है, लेकिन आपको और अधिक समय नहीं मिल सकता है.”
समय ही जीवन है. समय को नष्ट करना जीवन को नष्ट करना है. जिन लोगों ने समय के महत्व को समझा और इसका सदुपयोग किया, उन्होंने काल के कपाल पर अपनी छाप छोड़ी है.
ईश्वरचन्द्र विद्यासागर समय के बड़े पाबंद थे. जब वे कॉलेज जाते तो रास्ते में लोग उन्हें देखकर अपनी घड़ियों में समय मिलाया करते थे.
गैलेलियो दवा बेचने का काम करते थे. उसी में से थोड़ा-थोड़ा समय निकाल कर विज्ञान के अनेक आविष्कार कर दिये.
इतिहास के झरोखे से देखेंगे तो सबसे बड़ा दृष्टान्त वाटरलू का युद्ध है. इस युद्ध में यदि एक सेनापति चन्द घड़ियों की देरी न करता, तो नेपोलियन वाटरलू का युद्ध नहीं हारता.

रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी सर्विस के दौरान समय का सदपयोग कर जिस कालजयी साहित्य की रचना की है. उसके लिए अनेक बार सम्मानित हुए और राष्ट्रकवि बने.
एडिसन को समय के सदुपयोग ने ही एक महान वैज्ञानिक बनाया. उन्होंने अपने जीवन में लगभग 2000 अविष्कार किए. कोई और वैज्ञानिक इतनी उपलब्धि हासिल नहीं कर पाया. एडिसन रेलगाड़ी से सब्जियाँ बेचने जाते थे. जितनी देर वो रेलगाड़ी में बैठे रहते या रेलगाड़ी स्टेशनों पर रूकती, इस समय का उपयोग वो अध्ययन करने में करते थे. रेलगाड़ी की Library के सदस्य बन गए. उनके इसी गुण ने उन्हें महान वैज्ञानिक बना दिया. उन्होंने आने वाले बदलाव को समझा व समस्याओं को पहचाना तथा उनका समाधान समय पर दिया. जिससे पूरे मानव समुदाय का सुखद जीवन सुनिश्चित किया.

समय के गर्भ में लक्ष्मी का अकूत भंडार भरा हुआ है, किन्तु इसे वही पाते हैं जो इसका सही उपयोग करते हैं. जापान में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा व नागासाकी पर क्रमश: 6 व 9 अगस्त 1945 को परमाणु बम बरसाये गए थे. परन्तु जापान के नागरिकों ने रोने-धोने में ज्यादा समय बर्बाद किये बिना, जापान के विकास में जुट गए. जापान के नागरिक फुरसत के समय में छोटी मशीनों या खिलौनों के पुर्जों से नियमित रूप से एक नये खिलौने या मशीनें बनाते हैं या कोई अन्य कार्य में व्यस्त रहते है. इस तरह उन्होंने अतिरिक्त धन की प्राप्ति के साथ ही विश्व में एक आर्थिक रूप से मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया है. समय का सदुपयोग कर राष्ट्र निर्माण का इससे बड़ा कोई उदारहण नहीं है.
जिस मानव ने समय का सदुपयोग किया वो महामानव बन गया. इसी तरह आप धीरू भाई अम्बानी, बिल गेट्स, स्टीव जॉब्स या फोर्ड किसी सफल व्यवसायी को देखोगे तो आप यही पायेंगे कि उसकी सफलता का राज समय का सदुपयोग कर बदलाव के अनुसार समय पर समस्याओं के समाधान देना हैं.
समय के साथ बदलाव प्रकृति का नियम है.

समय पर इस बदलाव या समस्या की पहचान करना भी सफलता का हिस्सा है. आपने अक्सर सुना होगा कि समय पर जिसने परिवर्तन को पहचान कर सबसे पहले उसे अपनाया यानी समस्या को पहचानकर उसका समाधान दिया, वो सबसे अधिक लाभ में रहा है. जिसने बदलाव अपनाने में टालमटोल की या देरी की वो सबसे ज्यादा घाटे में रहा.
समय और समुद्र का ज्वार किसी का इंतज़ार नहीं करते .यदि आप समय के साथ नहीं चल पाएंगे तो कोई और मौंके का फायदा उठाएगा. परिवर्तन प्रकृति का नियम है और ये होकर ही रहेगा. समय पर बदलाव को अपनाना ही सफलता की कुंजी है. Enjoy your success

www.santoshpandey.in

Announcement List
you must read about GOOGLE ,FACEBOOK, AMAZON, APPLE , MICROSOFT etc.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

All original content on these pages is fingerprinted and certified by Digiprove
Inline
Please enter easy facebook like box shortcode from settings > Easy Fcebook Likebox
Inline
Please enter easy facebook like box shortcode from settings > Easy Fcebook Likebox