गूगल ऐडसेंस कम कमाई क्यों?

दोस्तों, आज जानते हैं adsense के बारे में कुछ नया ,नया इसलिए की नए ब्लॉगर के लिए अभी सब नया -नया ही है , Google AdSense cost per click पर काम करता hai और AdSense CPC अप डाउन होती रहती है जिसकी वजह से हम हमेशा फिक्स इनकम नहीं कर सकते but कुछ big reasons में कारण की वजह से AdSense advertisement से लो earnings होती है और CPC $0.02 तक हो जाती है . आज मैँ आपको AdSense से low earning होने के कुछ बड़े कारण बता रहा हूँ . आप इन issue को fix करके AdSense CPC, RPM and CTR boost कर सकते हो और अपनी साइट पर Adsense Revenue Increase कर सकते हो .




बहुत से ब्लॉगर AdSense low earnings की वजह से परेशान है और बहुत से blogger गुड earning न होने के कारण ब्लॉग्गिंग को अलविदा कह चुके है . एक्चुअली , इसकी सबसे बड़ी वजह होती है हमारे google AdSense के बारे में सही जानकारी नहीं होना और जिसके बारे में हमे बेसिक इनफार्मेशन तक नहीं होगी उस field में हमारा fail होना तय है . और आप ये मान कर चले की ये सच्ची बात है  मैं काफी ब्लोग्गेर्स का रिव्यु कर चूका हूँ मोस्टली ब्लॉगर AdSense से अच्छी earning नहीं कर पा रहे है .

इसी matter को ले कर आज मैँ ये पोस्ट लिख रहा हूँ और आप सभी को कुछ ऐसी वजह बता रहा हूँ जिसके कारण आप AdSense से अच्छी कमाई नहीं कर पा रहे है . मुझे उम्मीद है इससे आपकी AdSense low earnings वाली प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी .

यहाँ पर बताये गए reasons को आप अपनी गलती की नज़र से भी देख सकते है . आपको ये गलतिया फिक्स करनी है तभी आप google AdSense से अच्छी earning कर पाओगे .
नीचे दिए हुए कई कारणों को दूर करने को कोशिश आप करें

 

a. You Don’t Have Enough Traffic:
मैंने कई बार देखा है की न्यू AdSense publisher को earning करने की जल्दी लगी रहती है और जैसे ही उसका AdSense approved हो जाता है वो सबकुछ छोड़ कर सिर्फ AdSense से कमाई करने के बारे में सोचना शुरू कर देता है . ऐसा मैंने बहुत से ब्लॉगर के साथ देखा है . ये एक बहुत बड़ी गलती है और किसी भी blogger के blogging career का ये end कर सकती है .

जब आपके पास traffic ही नहीं है तो आपके एड्स पर click कैसे होंगे . Lagbhag 5,000 डेली ट्रैफिक तक AdSense से गुड earnings के सपने मत देखो . 5000 traffic होने के बाद ही आप AdSense से अच्छी earning कर सकते हो . सो इससे पहले आपको सिर्फ और sirf कंटेंट लिखने और ब्लॉग की ट्रैफिक बढ़ने पर ध्यान देना है ।

जब आपके ब्लॉग पर high traffic होगा तो आपकी क्लिक थ्रू रेट CTR भी बेटर होगी . Average CTR तो बताना मुश्किल है but 5 thousand traffic होने पर AdSense CTR 1.5 to 3% तक हो सकती है . इसका मतलब आपको पहले कुछ ट्रैफिक की जरुरत है . अगर आपके पास अच्छे visitors है तो ही आप AdSense से enough money earn कर सकते हो .

But प्रिंसिपल रूल यही है की AdSense low earnings की problem को 100% जड़ से ख़त्म करने के लिए आपकी site par पर्याप्त traffic होना जरुरी है .

b. You’re Write on Low Paying Niche:
गूगल AdSense लो एअर्निंग्स का ये भी एक बड़ा reason हो सकता है . आप जिस niche पर blogging करते हो, हो सकता है उस पर AdSense काम पाय करता हो . जब आप लो paying niche par content write करोगे to सिंपल है आपके content par low paying ads शो होंगे जिनकी CPC बहुत ही काम होती है .

Examples, गेम एक ऐसा niche है जिस पर AdSense बहुत कम पे करता है और per click पर सिर्फ $0.01 to $0.03 तक ही मिलता है . हालाँकि कुछ वेब बेस्ड games पर ये हाई हो सकती है but मोस्टली ये niche low paying ही होता है . Gaming site पर AdSense से गुड इनकम करना बहुत मुश्किल काम है .

अगर आप एक game blog रन करते है तो आपको टेंशन लेने की जरुरत नहीं है .आप amazon, flipkart जैसे कुछ Affiliate Marketing Program join कर apni low earnings की प्रॉब्लम को solve कर सकते है . Affiliate program भी google AdSense की तरह ब्लॉग्गिंग से एअर्निंग करने का बेस्ट सोर्स है .

c. Your Ad Units Have Low Click Through Rate:
मैंने पहले ही बताया था की AdSense pay per click पर वर्क करता है और हर साइट या content पर click through rate के अनुसार ads show करता है . अगर आपकी साइट पर High Paying Ads Show नहीं होते है तो ये भी लौ earnings का मैं reason हो सकता है .

सीधे शब्दों में कहु तो जब आपकी साइट पर शो होने वाले ads पर कोई click नहीं करता तो आपकी click through rate down हो जाती है और फिर google आपकी साइट पर high paying ads show करने की जगह low paying advertisement शो करने लग जाता है .

यानि AdSense से बेटर earning के लिए आपकी साइट पर CTR का better होना जरुरी है . इसके लिए आपको कुछ जरुरी बातो का ख्याल रखना होगा .
Follow below steps and solve your low earnings problem:
A.Choose best ad sizes.
B.Site पर per page 2 – 3 ad unit से ज्यादा ad ऐड न करे .
C. जिस place par clicks कम मिलते हो वह से ad रिमूव करे .
D. High impressions और low clicks वाले ads को रिमूव करे .

Adsense CTR increase करने के लिए आप per page 2 ya 3 ad unit से जायदा use न करे और जिस place पर आपको कम clicks मिल रहे है वहां से ad को रिमूव करके राइट place पर ad लगाए .

• Adsense ad placement सही से करे और बेस्ट ad size के ad unit इस्तेमाल करे . मोस्टली ये ad sizes बेस्ट होते है . कभी भी एक से जायदा 300×600 या कोई और large size का ads इस्तेमाल करे और हो सके तो large ad इस्तेमाल करने से बचे क्युकी ये लोड होने में ज्यादा टाइम लेता है .
• Responsive ad unit (Recommended)
• 300×250 – Medium Rectangle
• 336×280 – Large Rectangle
• 468×60 – Banner Ads
• 728X90 – Leaderboard
• 970×250 – Billboard

अगर आपको AdSense low earnings problem को solve करना है तो आपको AdSense ads किस place पर लगाना better होता है , किस size के ad से अच्छी performance मिलती है , पर page कितने ad लगाना better है and AdSense policy violation की जानकारी होना जरुरी है .

d. Your Experiment with Ad Style:
Google AdSense डिफ़ॉल्ट style generally good work करती है but इसे अपनी साइट के design के अनुसार चेंज kar लिया जाये तो हमे बेटर रिजल्ट्स मिल सकते है . कुछ नए AdSense publisher की ये 2 सबसे बड़ी गलती होती है .

1. Ad style feature का इस्तेमाल न करना .
2. Ad style feature का इस्तेमाल कर के ad को site content में ही मिला देना .
मैंने बहुत se blogger को देखा है जब उन्हें ads style option का पता नहीं होता तो वो सिंपल एंड डिफ़ॉल्ट ad style इस्तेमाल करते है मगर जैसे ही उन्हें इसके बारे में थोड़ी बहुत जानकारी मिलती है वो बिना कुछ सोचे ad को इतना design कर देते है की वो उनके blog content में ही मैच हो सकता है .

Actaully ये दोनों तरीके गलत है . Google चाहता है की यूजर ad को ad समझ कर ही click करे सो ad style को इतना customize करो की वो आपके content से match न हो और user को आसानी से पता लग सके की ad क्या है और content क्या है . इसके अलावा भी ads style feature को इस्तेमाल करने की कुछ और भी tips है जिन्हे आप फॉलो कर सकते हो .

Customize Your Ad unit Styles:
• Do not use border.
• Set URL color black (If possible).
• Make link color matched your content links.
• Use image and text both type ads.
• Make space 10px to 20px content or ads

Ads unit पर border का इस्तेमाल न करे , हो सके तो URL कलर black ही रखे , ad link का color आप अपने cotent link से match कर सकते हो , मोस्टली image / text ad unit का ही इस्तेमाल करे , content और ad unit में 10px टू 20px का space होना चाहिए ताकि यूजर को content एंड ads में डिफरेंस दिखाई दे और वो ad को ad मान कर ही उस पर click करे .

e. Make Sure Your All Ads Work Correctly:
ये google AdSense low earnings का सबसे बड़ा reason है और लगभग 70% new publisher से ये mistake होती है . बहुत से blogger को काफी टाइम से low earnings की problem होती है but मोस्टली वो ye कभी check नहीं करते की उनकी site पर AdSense ads proper work कर रहे है या नहीं .

Actually, आपके blog की template या आपके wrong ad placement की वजह से ad unit सही से work नहीं कर पता . आपको ये check करना होगा पता करना होगा की आपकी site पर सभी ad unit proper correctly work कर रहे है . Mostly आपको ये problem हो सकती है .

1. Your ad don’t work good all devices.
2. Your ad don’t show proper.
3. Your ad show slowly.
4. Your ad don’t fit with content.

सबसे बड़ी problem है ads का सभी devices में proper work नहीं करना . आपको ये अच्छे से check कर लेना चाहिए की आपकी site पर AdSense ads computer, laptop, tablet, mobile and other all devices में सही से open होते है या नहीं . इसके लिए आप अपनी site को different device में ओपन करके देख सकते है .

f. Which Size Ad unit Best for Me:
Advance guidelines: आपके इस सवाल का जवाब भी है मेरे पास इसके लिए आप google analytics का इस्तेमाल करे जो आपको बताएगा की आपके लिए किस साइज का ad बेटर रहेगा . सबसे पहले आप google AdSense को google analytics से कनेक्ट करे . उसके बाद google analytics को ओपन करे और ये step follow करे .

Go to analytics >> Audience >> overview and सेलेक्ट Screen Resolution and see results: यहाँ पर आपके सामने वो sabhi स्क्रीन sizes show होंगे जिनमे आपकी site open की जाती है . Example के लिए आप ये screenshot देख सकते है .

Google analytics की इस report से आप easily पता कर सकते है की आपकी साइट सबसे जायदा किस size की screen वाले device में open होती है . अब आपको ये बताने की जरुरत नहीं है की आपको किस size का ads इस्तेमाल करना चाहिए . Mere हिसाब से इतना तो हर कोई समझ सकता है की उसे उस साइज के हिसाब से ad लगाने चाहिए जिस साइज की स्क्रीन पर site को ज्यादा open किया जाता है .

इसके लिए आप ad unit को targate करे और सभी ad unit की performance check करते रहे की सभी ad unit proper work कर रहे है या नहीं . इसके लिए आप custom channel और URL channel का इस्तेमाल कर सकते है .

आपको ये थंब रूल याद रखना चाहिए तभी आप गूगल से ज्यादा से ज्यादा पैसे कमा सकते हैं

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