How to Become Successful from Movies :सिनेमा से सफल कैसे बने

दोस्तों , हमारी Film Industry आज दुनिया कि सबसे ज्यादा प्रतिवर्ष Movies रिलीज़ करने वाली इंडस्ट्री है आइये आज इनमे सबसे ज्यादा बोले और सुने जाने वाले शब्दों से कुछ सीखने का प्रयास करते हैं ….

 यदि आपने किसी फ़िल्म कि शूटिंग देखी हो तो आपको ज्ञात होगा कि हर शॉट से पहले डायरेक्टर एक ही सुर में क्या बोलता है ….

साउंड ,लाइट ,रोलिंग कैमरा ,एक्शन (Sound, Light ,Rolling Camera, Action)……हाँ सही समझा आपने यही हैं वो शब्द …..देखते हैं हमारी जिंदगी में सफलता पाने में ये शब्द क्या मायने रखते हैं …यही अंग्रेजी के वो चार शब्द हैं जो सिर्फ फ़िल्म ही नहीं बल्कि  सफल जिंदगी कि फ़िल्म पूरी करने कि सामर्थ्य रखते हैं …

आइये जानें कैसे

………….

 

1-Sound  – हमे अपनी जिंदगी में सफल होने के लिए अपने अंतर्मन में आवाज डालनी होगी ..एहसास जगाना होगा ..कि आप सफल होना चाहते  हैं ..”.Success ” इस शब्द को अंतर्मन में बार -२ दुहरा कर पूरी तरह भर देना होगा …यही साउंड हर बार हर कार्य से पहले आपको अपने मानस पटल पर चलाना होगा..सफल होने के लिए सफलता का एहसास होना जरुरी है ….

२) Light – जिंदगी सफलता  कि ओर ले जाने लगे .जब यह विचार मन में आने लगे तो इस विचार को लाइट दिखाने ,प्रकाशित करने कि जरुरत हो जाती है ….आपको कहाँ जाना है ,कब तक जाना है किस उचाई तक जाना है ,किस तरह किस रास्ते से जाना है यह जानना जरुरी है …तो पहले अपने सफलता के पथ को प्रकाशित कीजिये ..जिस प्रकार अँधेरे में आप अपने पास ही रखी चीज को देख नहीं पाते हैं ..न जान पाते हैं …वो चीज आपके पास ही रखी होती है परन्तु आपको एहसास तक नहीं होता है कि आप कितने आसानी से उस तक पहुच सकते हैं अर्थात आप उसे प्राप्त कर सकते हैं …उस वस्तु को देखने के लिए टॉर्च कि आवश्यकता होती है ..प्रकाश कि आवश्यकता होती है अतः सफल होने के लिए मार्ग को प्रकाशित करें …तय करें अपना लक्ष्य ….

३- Camera – आपका लक्ष्य तय हो गया है …आपको सफल होना ही है …आपने तय कर लिया है …मार्ग प्रकाशित हो गया है .आपको लक्ष्य दिखने लगा है ..अब जरुरत है कि उस लक्ष्य पर Focus किया जाये …कहीं रास्ते में आप भटक न जाएँ इसलिए…

जिस प्रकार फ़िल्मकार को क्या दिखाना है यह तय करने के बाद….डायरेक्टर   कैमरामैन को उस सीन को फोकस करने को कहता है  …फ्रेम में कौन-२ सी चीजे होनी चाहिए ,कौन -२ से व्यक्ति या किरदार होने चाहिए ..70mm के परदे पर क्या दिखना है यह कैमरा ही तय करता है अर्थात शूट  करता है…कैमरा ही वह साधन सुलभ कराता है जिसको एक बार शूट करने के बाद बार -२ दिखाया जा सके …जहाँ चाहे वहाँ दिखाया  जा सके ….कैमरा फोकस है इसका मतलब सफल होने के लिए आप लक्ष्य पर केंद्रित हैं आपको भटकना नहीं पड़ेगा …..

४-Action- यही वह शब्द है जिसको सुनने के बाद सारे किरदार अपनी -२ क्रियाएँ करने लगते है …और कैमरा उस को रिकॉर्ड करने लगता है …अब आपको सफलता का रहस्य पता चल गया है आपको अपने लक्ष्य का ज्ञान है …अपने अपने मार्ग को आपने प्रकाशित कर दिया है ..अब सिर्फ एक्शन बाकी है ….तो शुरू हो जाइये अपनी पूरी ऊर्जा लगा दीजिए….जो चाहते हैं वही कीजिये …जहाँ अपने आपको देखना है उसी रास्ते पर चलिए …..और देखेंगे एक दिन आप सफलता के अपने लक्ष्य पर खड़े हैं …हाथ बढाइये और ले लीजिये जो आप चाहते थे ….अब आपको मिल गया है ….ये आपसे दूर नहीं था …बस आपको अँधेरे कि वजह से दिख नहीं रहा था …आपके पास ही था ….आप बस देख नहीं पा रहे थे …..क्यूँ सही कहा न ????  आपको एहसास हो तो मुझे जरुर लिखिए ….

आपका दोस्त और आपके सफलता के रास्ते का हमसफ़र    

 santosh

Santosh Pandey

 mail: info@santoshpandey.in

pandey.santosh05@gmail.com

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