टेंशन ,स्ट्रेस ,तनाव से मुक्ति

टेंशन ,स्ट्रेस ,तनाव से मुक्ति

How to get rid of stress in hindi

आप स्ट्रेस में हैं ? आप इसे पढ़िए आपका स्ट्रेस छू मंतर हो जायेगा ? बिश्वास नहीं होता तो पढ़कर देखिये ..हाँ पूरा पोस्ट पढ़िए यह थोड़ा लम्बा जरूर हो गया है but belive me आपकी कोई परेशानी इसके अंत से पहले ख़त्म हो जाएगी ….

इसलिए दोस्तों परेशानियों से घबराएं नहीं। उनका डटकर सामना करें, ये सोचें की ये आपको परेशान करने नहीं बल्कि आपको कुछ सिखाने आई हैं, आपको और मज़बूत बनाने आई हैं। क्या आपने ऐसा ताला देखा है, जिसकी कोई चाभी ना बनाई गयी हो? नहीं ना !!!!! तो ऎसे ही ईश्वर भी बिना समाधान के कोई समस्या नहीं बनाता। बस जरूरत है चाभी को ढूंढकर ताला खोलने की।

दोस्तों stress से मुक्ति के आप कितने भी article कहीं भी पढ़ लें like newspaper, internet या books में, सभी जगहों पर कही गयी बातों का जो एक निचोड़ निकलेगा वो यह है की अगर आपको तनाव को अपनी ज़िन्दगी से बाहर फेकना है तो खुश रहना सीखना होगा। आपको अपने विचारों में बदलाव लाना होगा। तनाव देने वाले विचारों को छोड़कर खुश रखने वाले विचारों को अपनाना होगा।

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चिंता को अपने जीवन से दूर रखना बहुत जरूरी है। यहाँ मैं आपको एक technical तरीका बताने जा रहा हूँ जिसको सही तरह से use करके आप अपनी चिंताओं को खुद से दूर कर सकते हैं। ये actually stress management का एक बेहतर तरीका है।
जब किसी machine पर कोई समस्या हमें बार-बार परेशान करती है तब हम इस technical तरीके को use करके उस समस्या का हल ढूंढते हैं। पर इस तरीके को हम अपने जीवन में भी उसी तरह इस्तमाल कर सकते हैं जैसे machines पर। इस तरीके को use करने से पहले आप अपने दिमाग में एक बात बैठा लें कि यह तरीका बहुत आसान है और इसे use करके आप बहुत आसानी से अपनी परेशानियों से मुक्त हो सकते है। जब आप अपने दिमाग को ये समझायेंगे की यह एक आसान तरीका है तो वो इस तरीके को आसानी से समझने और अपनाने में आपकी मदद करेगा। हमारा दिमाग आसान चीजों को बहुत ही आसानी से अपना लेता है। इसीलिए मैं कह रहा हूँ ये तरीका भी बहुत आसान है। और जब आप इसे पढेंगे तो आप भी यही कहेंगे अरे यार ये तो वाकई में बहुत आसान तरीका है और इस आसान तरीके को मैं अभी और इसी वक़्त से आजमा सकता हूँ।

WHY WHY ANALYSIS
इस आसान तरीके का नाम है WHY WHY ANALYSIS, जिसे हम किसी भी समस्या का root cause जानने के लिए use करते हैं। Root cause मतलब, समस्या की जड़ क्या है? जब हम समस्या की जड़ को जान जायेंगे और उसे ही खत्म कर देंगे तो समस्या अपने आप ही खत्म हो जाएगी। अब समझते हैं कि इस आसान से analysis में हमें करना क्या है ?

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सबसे पहले एक copy और pen लें और फिर इसके अलग-अलग page पर अपनी चिंताओं को लिख लीजिये। 5-10-15-20 जितनी भी चिंताएं हैं, सब को लिख लीजिये। याद रहें, problems की list नहीं बनानी है बल्कि एक page पर सिर्फ एक problem ही लिखनी है। किसी sequence को follow करने की जरूरत नहीं, जो सबसे पहले दिमाग में आये, उसे पहले लिख लें। आखिर ये एक आसान तरीका है तो इसके नियम भी आसान होने चाहिए ना !!!!!! चलिए अब सबसे पहले page पर आ जाइये जहाँ आपने अपनी पहली समस्या लिखी है।
अब अपने आप से पूछिए WHY? यह चिंता मुझे क्यों है? मतलब उसके पीछे का कारण जानने की कोशिश करें। आपको जो भी 2-3 कारण लगते हैं इन्हें समस्या के नीचे ही लिख लीजिये। मान लीजिये आपको 3 कारण मिले, इनको analyse करें। हो सकता है इनमे से एक root cause हो और बाकी 2 समस्या। Root cause को यही छोड़ दीजिये, 2 समस्याओं के लिए फिर से पूछिए WHY? प्रत्येक के कारण को समस्या के नीचे ही लिख लीजिये और इन्हें analyse करें। कोई root cause लगता है उसे छोड़ दीजिये और समस्या के लिए फिर से WHY? ऐसा तब तक करिए जब तक की सभी समस्याओं के अंत में root cause ना आ जाये।

 5 WHY पूछना काफी है। 5 WHY पूछने तक किसी भी समस्या का root cause सामने आ जायेगा लेकिन ये कम या ज्यादा भी हो सकते हैं इसलिए यहाँ भी कोई नियम नहीं क्योंकि आप जब समस्या के कारण को analyse करेंगे तो ये आपको ही पता होगा कि उस कारण का आपके पास समाधान है या वो भी एक समस्या ही है। इसलिए जितना चाहें उतने Why पूछिये और root cause तक पहुँच जाइए।
चिंता से निपटने के लिए आपको ऐसे ही जड़ में पहुँच कर उसका हल तलाशना होगा। सिर्फ चिंता करते रहने से कुछ हासिल नहीं होगा। चिंता करने से ही कुछ हो जाता तो हफ्ते में एक दिन चिंता दिवस ही नहीं मना लें। जिसमे सभी रिश्तेदारों, दोस्तों, साथियों को बुला ले और उन्हें एक चिंता दे दें कि भाई आज इस पर चिंता करनी है ताकि शाम तक मेरी ये चिंता खत्म हो जाए। क्या ऐसा संभव है? नहीं ना, फिर चिंता करने से क्या हासिल होगा, सिवाय समय और सेहत ख़राब होने के। चिंता है तो causes of stress तलाशिए, जड़ में जाईये और समाधान करिए।
अब एक आखिरी बात। जब हम root cause analysis करने के बाद final solution तलाश लेते हैं तो हमारे सामने दो ही चीजें हो सकती है, या तो हम उस solution को implement कर सकते हैं या फिर नहीं कर सकते। अगर हम implement कर सकते हैं तो चिंता की जरूरत ही नहीं, तुरंत implement कर दीजिये और अगर implement नहीं कर सकते तो फिर चिंता करने से क्या फायदा। परिस्थितियों को accept करिए और “अपना जीवन ख़ुशी के साथ बिताइए ना कि चिंता में अपनी ज़िन्दगी ख़राब करिए।”
अपने इस article के शुरू में मैंने आसान शब्द का इस्तेमाल काफी किया है, वो जानबूझ कर किया गया है। “जिस दिन से आप चीजों को आसान समझने लगेंगे वो आसान हो जायेंगी और अगर आप मुश्किल समझेंगे तो वो आपको मुश्किल ही लगेंगी।”
कुछ लोग कहेंगे इसे लिखना आसान है, पर जिस पर गुजरती है वही जानता है कि जब हर तरफ से मुसीबत और stress पैदा करने वाले कारण, ज़िन्दगी में दख़ल देने लगते है तो अपने आप को खुश रखना कितना मुश्किल हो जाता है। आप सच कह रहे हैं दोस्तों, क्योंकि आप इसे मुश्किल मान चुके है तो वाकई में ये आपके लिए मुश्किल ही होने वाला है पर जिस दिन आपने इसे आसान मान लिया, खुश रहने के कारण, जो अभी आपके आस-पास ही कहीं छिपे हुए है, खुद-ब-खुद सामने आ जायेंगे और मेरे लिए ये लिखना जितना आसान आपको लग रहा है, इसे अपनाकर follow करना आपके लिए उससे भी ज्यादा आसान हो जायेगा।
Tips for Happiness – ज़िन्दगी में कुछ भी स्थायी नहीं है।
सुख-दुःख, सफ़लता-असफलता सभी दिन-रात की तरह जीवन में आते-जाते रहते हैं। ये बात हम सभी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं पर फिर भी कई बार हम अपने आस-पास negative विचारों की इतनी मोटी layer चढ़ा लेते हैं कि positivity को हम तक पहुँचने का रास्ता ही नहीं मिलता। आप शायद इस बात को जानते होंगे कि हमारा दिमाग एक दिन में 50,000 से भी ज्यादा विचारों को जगह दे सकता है। अगर आप stress में हैं तो इन विचारों की screening करें, आप पाएंगे कि दिनभर दिमाग में घुसपैठ करने वाले कम-से-कम 90% विचार negative श्रेणी के हैं।
इतने negative विचारों के कारण हमारे आस-पास इतनी negative energy इकठ्ठा हो जाएगी कि positivity को कहीं से भी entrance मिलेगी ही नहीं। अगर आपको अपने जीवन को खुशगवार बनाना है तो इस negative energy की layer को तोडना होगा। positivity को अपने पास आने का रास्ता देना होगा और ये करना बहुत आसान है।
आपके आस-पास negative energy की layer टूटकर positive energy की layer बन जाएगी। इसके लिए हम आज आपके साथ एक ऐसा गुप्त ज्ञान share करने जा रहे हैं, जिसको अपनाते ही आपकी ज़िन्दगी पूरी तरह से बदल जाएगी। आपकी सारी परेशानियाँ आज से अभी से खत्म हो जाएँगी। आपका सारा stress आपकी ज़िन्दगी से हमेशा – हमेशा के लिए अलविदा हो जायेगा। हर तरफ सिर्फ सफलता ही सफलता होगी। ऐसा कहकर अपने दसियों तरह के product बेचने वाले अनेकों लोग आपको TV, newspaper में दिख जायेंगें।
पर क्या वाक़ई में ऐसा कोई ज्ञान है जिसे अपनाकर सबकुछ एकदम से बदल जायेगा? दोस्तों मुझे ऐसे किसी ज्ञान की कोई जानकारी नहीं, पर मैं आपको ऐसे व्यक्ति के बारे में बताना चाहता हूँ जो ये सबसे बेहतर तरीके से जानता है कि आप कैसे खुश रह सकते हैं? जानना चाहते हैं उसके बारे में। दोस्तों वो कोई और नहीं, आप खुद हैं। आप ही हैं वो व्यक्ति जो जानते हैं आपको खुश रहने के लिए क्या करना है। पर अभी अपने stress, tension के कारण आप उन बातों और चीजों को मन के किसी कोने में छुपाकर भूल गए हैं। बस आज उसी ज्ञान को बाहर लेकर आना है। फिर देखिये कैसे धीरे-धीरे सबकुछ बदलने लगता है।
मैं यहाँ आपके साथ कुछ tips for happiness, share कर रहा हूँ। अपने विचारों में थोड़ा सा परिवर्तन ज़िन्दगी को खुशनुमा बना सकता है:
• अपने आप से प्यार करें। आपका व्यक्तित्व अपने आप में unique हैं, वैसे ही रहिये। किसी के जैसा बनने की कोशिश में बहुत तकलीफ उठानी पड़ सकती है।
• सबसे बिना शर्त प्यार करिए मतलब बिना किसी उम्मीद के। उम्मीद रखेंगे, किसी दिन टूटेगी तो बहुत तकलीफ होगी।
• ज़िन्दगी की हर सफलता को बड़ा मानकर celebrate करिए चाहे वो आपके हिसाब से कितनी भी छोटी क्यों न हो।
• इर्ष्या का भाव दिल से निकाल फेंकिये। कोई भी चीज इसलिए हासिल करने की कोशिश करें क्योंकि उससे आपको ख़ुशी मिलेगी, इसलिए नहीं कि वो आपके दोस्त, रिश्तेदार या पडोसी के पास है।
• कई बार परिस्थितिओं को ये सोचकर accept कर लेना अच्छा होता है कि जो हो रहा है अच्छे के लिए हो रहा है। अगर हम इस एक बात को दिल से accept कर लें तो ज़िन्दगी के बहुत सारे तूफ़ान थम जायेंगे और धीरे-धीरे सबकुछ पटरी पर आने लगेगा।
• law of attraction ये कहता है की मैं अगर अपने mind को ये सन्देश देता रहूँ की मैं बहुत खुश हूँ तो वो मेरे आस-पास ऐसा ही माहौल बना देगा जिसमें मैं खुश रहूँ।
• happiness को बाहर ढूढेंगे तो ना जाने कितना समय लग जायेगा खुशियाँ हासिल करने में। इसे अपने अन्दर तलाशिये, जब खुशियाँ अन्दर से बाहर आएँगी तो स्थायी होंगी।

तो दोस्तों खुश रहने के लिए आप क्या करते हैं? comment section में अपने विचार साझा करें।

कोई article पसंद आने पर अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

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