कहानी : किसान की समस्या

कहानी : किसान की समस्या

दोस्तों , आज लाया हूँ एक ऐसी कहानी जिसके माध्यम से आप सीख पाएंगे की समस्याओं का समाधान कैसे निकाल लें जब ऐसी समस्या हो जो इस किसान के रास्ते में अचानक आ गयी …तो चलो शरू करते हैं …
एक किसान जिसका नाम भोलू था और वह अपने खेतों में काम कर घर लौट रहा था। रास्ते में ही एक रामू हलवाई की दुकान थी। उस दिन भोलू ने कुछ ज्‍यादा काम कर लिया था और उसे भूख भी बहुत लग रही थी। ऐसे में जब वह हलवाई की दुकान के पास से गुजरा तो उसे मिठाइयों की खुशबू आने लगी। वह वहां खुद को रोके बिना नहीं रह पाया। लेकिन उस दिन उसके पास ज्यादा पैसे नहीं थे, ऐसे में वह मिठाई खरीद नहीं सकता था, तब वह कुछ देर वहीं खड़े होकर देखते हुए मिठाइयों की सुगंध और रंग का आनंद लेने लगा।

जब रामू मिठाईवाले ने भोलू किसान को मजे से उसकी दुकान की मिठाइयों की खूशबू का आनंद लेते देखा, तब उससे किसान की खुशी देखी नहीं गई, वह भोलू के पास गया और बोला, पैसे निकालो। इन सबका पैमेंट करो , भोलू हैरान हुआ और बोला कि मैंने तो मिठाई नहीं खरीदी और न ही चखी है फिर पैसे किस बात के? हलवाई बोला, भले ही तुमने मिठाई नहीं ली हो, लेकिन मेरी बनाई मिठाई की खुशबू का आनंद तो लिया है रंग का आनंद तो लिया है ।

रामू बोला, मिठाई की खुशबू लेना मिठाई खाने के बराबर ही है तो तुम्हें अब इसके पैसे देने होंगे।

किसान पहले थोड़ा घबराया, लेकिन फिर थोड़ी सूझबूझ दिखाते हुए उसने अपनी जेब से कुछ सिक्के निकाले और उन्‍हें दोनों हाथों के बीच में डालकर खनकाया। अब खनकाने के बाद भोलू अपने रास्ते जाने लगा।

रामू हलवाई बोला, मेरे पैसे तो दो! किसान ने कहा, जैसे मिठाई की खुशबू का आनंद लेने मिठाई खाने के बराबर ही है, वैसे ही सिक्कों की खनक सुनना भी पैसे लेने के बराबर ही है।

तो दोस्तों जिस प्रकार अचानक समस्या भोलू के पास आयी उससे वह घबराया नहीं बल्कि उसने अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करते हुए उसका हल निकाल लिया , कई बार आपको जीवन में इस हलवाई के जैसे लोग भी मिल जाएंगे, ऐसे में आप घबराएं नहीं। सूझबूझ से इन्हें जवाब दें और समस्या से इस किसान रामू की तरह ही बाहर निकल जाएं।

दोस्तों ,यह कहानी आपके बच्चो को भी जरूर अच्छी लगेगी उन्हें भी बताएं और इसका महत्व समझाएं

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