Power in Dissimilarity | Santosh Pandey.in

असमानता में शक्ति

दोस्तों, क्या आप जानते हैं की विषमता  में कितनी शक्ति होती है ?

आपको मेरी बात कुछ अटपटी लगी होगी शायद परन्तु आपको बता दूँ ये शत प्रतिशत सत्य है ….आइये समझते हैं ऐसा क्यों है उदहारण से तुलना कीजिये आप स्वयं …

 

मुझे ईमारत बनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं में सीमेंट , बालू , ब्रिक्स ,छड़ ,केमिकल्स इत्यादि अलग -२ अर्थात विभिन्न वस्तुओं /विषम प्रकार की aavshyakta होगी ..ये विषम वस्तुएं मिलकर एक मजबूत ईमारत का निर्माण कर पाएंगी …..केवल समान वस्तुएं निर्माण नहीं कर सकती ….

 

मुझे किचन में सब्जी बनानी है इसके लिए विभिन्न प्रकार की सब्जियां , नमक ,हल्दी ,तेल ,विभिन्न मसाले इत्यादि मिलाना पड़ता है तभी स्ट्रांग और बेहतर स्वाद आएगा तथा शक्तिवर्धक भी होगा …..हम समान बस्तुओं से कुछ बना तो सकते हैं जैसे केवल  चावल  तो बना सकते हैं परन्तु उसमे वो स्वाद नहीं होगा ..इसका उपयोग करने की लिए भी अन्य खाने की वस्तुओं की आवश्यकता  होगी

विभिन्न रंगो से ही खूबसूरत पेंटिग बनायीं जा सकती है

विभिन्न लोगों से ही सभ्य एवं समृद्ध  समाज बनता  है

विभिन्न विषयों की पाठन से ज्ञान शक्तिमान बनता है

आपको उपरोक्त उदाहरणों से क्लियर हुआ होगा की मैं  क्यों कह रहा हूँ की विषमता में शक्ति होती हैं

बंद मुठी शक्ति की परिचायक है जिसमे विभिन्न विषम उँगलियाँ अपना योगदान देती हैं …

तो आइये हम भी विषम बने …… जब  हम विषम होंगे तो अविभाज्य होंगे ,समृद्ध होंगे ,शक्तिशाली होंगे

विषम बनना आसान  है …इसके लिए हमको क्या  करना होगा ?

 

अगले पोस्ट में डिटेल में समझाऊंगा  हमे  किस तरह से विषम बनना होगा …जिससे हम आसानी से सफल हो सकते हैं

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