अपना बेकरी व्यवसाय कैसे शुरू करें

दोस्तों, आपके मांग पर लाया हूँ बेकरी उद्योग (How To Start your own Bakery Business) लगाने की आसान टिप्स .अलग -२ लोगों द्वारा किये गए सर्वे के आधार पर यह जानकारी उपलब्ध करा रहा हूँ यदि कोई बिसंगति हुई तो कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखिए …आइये जानते हैं

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए क्या चाहिए होगा?

डबल/रोटी निर्माण को बेकरी उद्योग कहा जाता है। यह उद्योग बड़े-बड़े शहरों, कस्बों तथा गाँवों में भी बड़ी संख्या में फैल चुका है। आज के समय में डबल रोटी बहुत ही लोकप्रिय नाश्ता हो गया है। जिससे बेकरी उद्योग का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह उद्योग देश के सामाजिक उत्थान के अलावा आर्थिक उत्थान में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। अतः यह उद्योग देश की गरीबी दूर करने तथा अच्छी संस्था में लोगों को रोजगार मुहैया करने में काफी हद तक सहायक हो सकता है। इस उद्योग की शुरूआत कम पूंजी लगा कर की जा सकती है।

भारत बेकरी उत्पादों के लिए एक प्रमुख विनिर्माण घर है और संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन (एनपीसीएसए 2013) के बाद तीसरा सबसे बड़ा बिस्कुट निर्माण देश है।

भारतीय बेकरी सेक्टर में ब्रेड, बिस्कुट, केक जैसे बड़े खाद्य श्रेणियों में से कुछ शामिल हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में 17,000 करोड़ रुपये और अगले 3.4 वर्षों में 13.15 फीसदी के असाधारण दर से बढ़ने की उम्मीद है।

बेकरी भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग में तीसरी अग्रणी आय सृजन क्षेत्र है। बढ़ती शहरीकरण और डिस्पोजेबल आय प्रमुख कारक हैं जो बेकरी उत्पादों की मांग को चलाते हैं।

देश में 85,000 से अधिक बेकरी इकाइयां हैं, जिनमें छोटे इकाइयों ;स्थानीय ब्रेड बेकिंग इकाइयां और पड़ोसी बेकरियां हैं, जो कुल इकाइयों में करीब 65% हैं।

कच्चा माल

टोस्ट/डबल रोटी उत्पादन के लिए आवश्यक मुख्य कच्चा माल गेहूं का आटा, मैदा, लिविंग एजेंट जैसे बेकर इस्ट, ब्रान, लैक्टि एसिड, साधारण नमक, पानी, कण्डेन्स्ड मिल्क, खाद्य मिल्क पावडर, वनस्पति तेल, रिफाइंड खाद्य तेल, बटर, घी, चीनी, शहद, द्रवग्लूकोज, स्टार्च, शकरकंदी का आटा, मूंगफली का आटा, विटामिन, ग्लिसरीन, चूना पानी, जल इत्यादि हैं इसके अलावा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कुछ रासायनिक पदार्थ जैसे; कैल्शियम फास्फेट कैल्श्यिम कार्बोनेट, एसिटिक एसिड या लैक्टिक एसिड, बाइनगर, सोडियम डाइएसिटेट तथा सोडियम पाइरोफास्फेट इत्यादि का उपयोग किया जाता है।

निर्माण प्रक्रिया

डबल रोटी में प्रयोग किए जाने वाले उपरोक्त सभी पदार्थों को एक साथ गूंथने वाली मशीन में डालकर मिश्रण को तैयार किया जाता है। सभी घटकों को गूंथकर डफ तैयार किया जाता है। गूंथे हुए डफ में क्रीम डालकर फरमेन्टेशन के लिए छोड़ दिया जाता है। ऐसा करने के बाद सामग्री कटने के लिए तैयार हो जाती है। और इसे तैयार की जाने वाली डबल रोटी के आकार का काटा जाता है। अब टुकड़ों में काटे गए डफ को पेन में रखा जाता है। जब डफ में निश्चित उठान आ जाता है तो उसे अनुमानित समय तक सेंका जाता है। फिर सेंके हुए डफ को पर्याप्त रूप से ठण्डा किया जाता है। फिर उसके छोटे-छोटे स्लाइस काटे जाते हैं और रैपर में पैक कर दिया जाता है।

आय-व्यय योजना (Cost Estimation) वार्षिक: बेकरी उद्योग

  • उत्पादन क्षमता                                                        1000 Pkts/day (400 gm size)
  • कुल भूमि (Total Land)                                                 750 Sq.Mt.
  • निर्मित भूमि (Build up Area)                                          450 Sq.Mt.
  • कुल कर्मचारियों की संख्या (No. of Emplyoees)                   14
  • इमारत (Building)                                                           Rented
  • मशीन और उपकरण (Machinery & Euipment)                11.17 lakh
  • कुल अचल पूंजी लागत (Total Fixed Capital)                     20.67 lakh
  • कार्यशील पूंजी मार्जिन (working Capital Margin)              1.77 lakh
  • परियोजना लागत (Project Cost)                                     22.44 lakh
  • कुल प्राप्ति (आय) (Total Income)                                    66 lakh
  • लाभ और कुल-पूंजी निवेश का अनुपात (Profit & Total Capital Investment Ratio)    17.20%
  • ब्रेक इवन पॉइंट (Break & Even Point)                            74.71%

डबल रोटी के साथ साथ बिस्कुट का व्यवसाय कैसे किया जाये एक सलाह ये भी देखते हैं

बेकरी बिस्कुट के लिए आइये जानते हैं विस्तार से क्या करना होगा

Bakery Biscuits का business start करने के लिए आपको निम्नलिखित चीजें चाहिए होंगी:

  1. Space: 1200-2000 square feet तक की जगह

मैंने जो बेकरी बिस्कुट बनाने का setup देखा वो करीब 1500 sq ft का था और ये जगह एक industrial area में स्थित थी, जहाँ आपको lease पर या खरीदने पर जगह मिल सकती है. मुझे लगता है कि कई लोग इस तरह का काम अपने घर से या ऐसे ही किसी rented place से भी करते हैं.

बहरहाल, location कोई भी हो आपको 1200 से 2 हज़ार स्क्वायर फीट की जगह चाहिए होगी.

 अगर आपके पास पहले से जगह नहीं है तो इसमें बहुत अधिक पूंजी फंसाना ठीक नहीं है. आप किराए पर space लेकर ये काम शुरू कर सकते हैं.

  1. मशीनें

इस बिजनेस के लिए आपको कम से कम तीन मशीनें चाहिए होंगी:

  1. A) Commercial बेकरी ओवन :

इस तरह का ओवन आपको baking capacity per hour के हिसाब से लेना होगा.

Price: 3-4 lacs

 – Power: 2 Horse Power

–  Diesel: 6-8ltr/hr

For example: 20Kg/ hour baking capacity का oven 3 से 4 लाख रुपये तक में मिलना शुरू हो जाता है.

इन ओवन्स में trays और shelves होते हैं, जिस मशीन में जितने ज्यादा ट्रेज और शेल्व्स होते हैं उसकी उतनी ही ज्यादा प्रति घंटा बेकिंग क्षमता होती है.

इन ओवन्स का प्रयोग बिस्कुट बनाने के अलावा और भी कई बेकरी प्रोडक्ट्स बनाने में हो सकता है, जैसे कि – रस्क, ब्रेड, फैन, इत्यादि. And, in-fact अपनी profitability बढाने के लिए आपको आगे चल कर इन products को भी अपने मेनू में जोड़ना चाहिए.

  1. B) Dropping Machine (Dye) / ड्रॉपिंग मशीन (डाई )

इस मशीन का प्रयोग अलग-अलग shapes और size के biscuits निकालने के लिए किया जाता है.

Price: 5-9 lacs

– Power: 3KW

 – Diesel: Not required

ये मशीन आपको on an average 5-9 lacs रु तक की पड़ेगी.

मशीन की Production capacity per hour जितनी अधिक होगी उतना ही इसका दाम अधिक होगा. आप market में 6 या 9 rows वाली मशीन खरीद सकते हैं जिनकी capacity 150 से 250 Kg per hour तक की हो सकती है.

यानि सिर्फ १ घंटे में ही ये dropping machine डेढ़ सौ  से ढाई सौ किलो तक के raw material को बिस्कुट का शेप दे सकती है.

  1. C) Mixer machine

Biscuits या अन्य बेकरी प्रोडक्ट्स बनाने के लिए बहुत सारा raw मटेरियल आपस में मिक्स करना पड़ता है और इसके लिए आपको एक मिक्सर की ज़रुरत पड़ती है.

Price: 50K  to 1 lac

– Power: 5-15 HP

आमतौर पर इस तरह के मिक्सर में एक बार में 25kg से लेकर 100kg तक का मिक्सचर तैयार किया जा सकता है. आवश्यकता अनुसार इस मशीन की कैपेसिटी और भी बढ़ाई  जा सकती है.

ये मशीन आपको 50 हज़ार से 1 लाख रुपये तक में मिल जायेगी.

इन तीन प्रमुख मशीनों के अलावा आपको एक और मशीन की ज़रुरत पड़ सकती है:

  1. D) Packaging Machine

इस मशीन की कीमत 3 लाख से 30 लाख तक की हो सकती है. आप एक ही महंगी मशीन खरीद कर कई तरह की पैकेजिंग कर सकते हैं या अलग-अलग पैकेजिंग के हिसाब से कई मशीने ले सकते हैं. ऐसी बेकरीज में अक्सर लोग ऐसी मशीन रखते हैं जिसकी

           Capacity: 100 gms to 400 gms per packet, और Speed: 20 से 60 पैकेट/  मिनट हो.

बहुत से लोग बिजनेस की शुरुआत में इस मशीन को नहीं लेते और manual packing से काम चलाते हैं, और बाद में काम बढ़ने के बाद ही अपनी requirement और budget को ध्यान में रखकर पैकिंग मशीन खरीदते हैं.

  1. Human resource

इस काम को शुरू करने के लिए आपको कम से कम 5-6 लोगों की ज़रुरत पड़ेगी. जिसमे प्रमुख होगा आपका शेफ या जिसे लोग कारीगर भी कह कर बुलाते हैं. आपके biscuits की quality और taste शेफ की काबिलियत पर ही निर्भर करती है, इसलिए जहाँ तक हो सके एक भरोसेमंद शेफ recruit करने का प्रयास करें.

Korba  की बात करें तो यहाँ शेफ की सैलरी 10 से 15 हज़ार प्रति माह या इससे अधिक हो सकती है.

इसके आलावा आप बाकी स्टाफ को employee या ठेके पर रख सकते हैं. इन्हें भी आपको 5 से 6 हज़ार रुपये प्रति माह देना होगा या कई बार लोग per batch of mixer या घंटे के हिसाब से भी रेट तय कर लेते हैं.

इन स्टाफ का प्रयोग, मिक्सचर तैयार करने, पैकिंग करने, sales and marketing, और कभी-कभार ingredients खरीदने आदि कामों में किया जाता है.

यदि आप खुद बिजनेस नहीं देख रहे तो आपको सब कुछ मैनेज करने के लिए एक मैनेजर भी रखना पड़ेगा, हालांकि शुरुआत में ऐसा करना recommended नहीं है….क्योंकि जितना आप अपने बिजनेस को लेकर sincerely काम करेंगे उतना कोई स्टाफ नहीं कर सकता है! और खुद काम करने से एक extra staff रखने का खर्च भी बचेगा.

यानि बेकरी बिस्कुट का बिजनेस शुरू करने में आपको primarily इन तीन चीजों की ज़रुरत पड़ेगी:

  • जगह
  • मशीने
  • स्टाफ

इसके अलावा आपको अपना production start करने के लिए raw material, जैसे कि-

  • मैदा
  • चीनी
  • घी
  • रिफाइंड
  • ड्राई फ्रूट्स
  • एसेंस
  • मक्खन,
  • नमक,
  • इत्यादि चीजों की ज़रुरत पड़ेगी.

साथ ही आपको तैयार माल को पैक करने के लिए काफी सारा पैकेजिंग मटेरियल भी चाहिए होगा जैसे कि-

  • गत्ते
  • टेप
  • टेप मशीन
  • सील पैकिंग के लिए प्लास्टिक
  • मैन्युअल पैकिंग के लिए मोमबत्ती
  • हीटर इत्यादि.

इन चीजों ( रॉ मटेरियल और पैकेजिंग मटेरियल) के लिए भी आपके पास  1.5 – 2 lacs rupees होने चाहिए.

इसके अलावा at any point of time आपके पास कुछ finished products का स्टॉक भी तैयार रहना चाहिए. इस stock की वैल्यू कितनी होगी ये आप पर डिपेंड करता है पर ऐसी फैक्ट्रीज में अक्सर डेढ़-दो लाख का माल हेमशा तैयार पड़ा रहता है.

अगर आपके इलाके में पॉवर की समस्या है तो आपको अपना एक Generator set भी रखना होगा जिसके लिए आपको additional 2.5 से  5 लाख रूपये खर्च करने पड़ सकते हैं.

तैयार माल को बेचा कैसे जाएगा?

माल तैयार होने के बाद उसको सही रेट और पैकेजिंग के साथ बेचना इस बिजनेस का बेहद एहम हिस्सा है. जितना strong आपका distribution होगा उतना ही अधिक आपका माल बिकेगा और उतना ही अधिक आप मुनाफा कमा पाएंगे.

आप शुरू करने से पहले अपने शहर की मार्केट को समझें:

  • क्या बिकता है?
  • कैसे बिकता है?
  • कितने ग्राम का पैकेट किस मार्केट में कितने का बिकता है?

अगर इन चीजों का आईडिया पहले से होगा तो बिजनेस करने में आपको काफी सहूलियत होगी.

हालांकि, आपका शेफ भी इस दिशा में हेल्प कर सकता है, लेकिन एक full-time सेल्स एंड मार्केटिंग पर्सन ज्यादा सही होगा.

Korba की बात करें तो इन्हें हायर करने की cost भी करीब 10-12 हज़ार per month पड़ती है.

एक दूसरा आप्शन ये है कि आप कमीशन बेसिस पर कुछ sales agents के साथ arrangement कर लें. ये agents आपका माल बिकवाते हैं और बदले में कमीशन लेते हैं.

अमूमन ये commission 1-2% होता है. यानी अगर आपका 1 लाख का माल बिका तो एजेंट आपसे 1000-2000 रूपये ले सकता है.

मैंने जिन लोगों से बात की उन्होंने तीन तरीकों से माल बेचने के बारे में बताया:

           पहला, आप शहर की wholesale market में अपना माल पहुंचाएं और वहां से रिटेलर्स आपका माल उठा लें.

            दूसरा, आप directly  बेकरी शॉप्स और किराना स्टोर्स में कांटेक्ट करें और उन्हें अपना माल सप्लाई करें.

         और तीसरा, आप अपना खुद का retail outlet खोल लें. इस तरीके में प्रॉफिट मार्जिन अधिक होता है पर साथ ही आपको दूकान खोलने और चलाने का additional workload और expense उठाना पड़ता है.

इसके अलावा कभी-कभी लोग फैक्ट्री के बाहर भी एक sales-counter बना देते हैं और अपना माल बेचते हैं. इससे उन्हें डायरेक्टली end -customer से deal करने का मौका मिल जाता है और कस्टमर फीडबैक से प्रोडक्ट सुधारने में मदद मिलती है. साथ ही इस काउंटर से retailers भी माल उठा कर अपनी शॉप्स में रख सकते हैं.

अधिकतर bakeries इन तरीकों का combination use करके बिजनेस करती हैं.

 माल की डिलीवरी के लिए आप किराए पर गाड़ियाँ ले सकते हैं या अपनी खुद की भी एक डिलीवरी वैन रख सकते हैं. शुरुआत में किराए पर ही लेना ठीक रहेगा.

अगर आप अपना खुद का कोई बेकरी ब्रांड प्रमोट नहीं कर रहे तो mass-advertising की ज़रुरत नहीं पड़ती. पर अपनी बेकरी के बारे में आपको शहर में मौजूद बेकरी शॉप्स, wholesale dealers, etc को बताना होता है, जिसके लिए आपको one to one मिलकर बात करनी होती है और अपनी बेकरी को प्रमोट करना होता है.

इसके लिए आप brochures और अन्य literature की मदद ले सकते हैं. काम बढ़ने पर आप अपने बेकरी की वेबसाइट भी बना सकते हैं और उसपर भी आर्डर ले सकते हैं.

Registration:

अगर आप peace of mind के साथ  बिजनेस करना चाहते हैं तो आपको इन सभी या इनमे से कुछ (depending on your state and factory location ) government agencies से deal करना होगा:

  • Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) से लाइसेंस लेना होगा.
  • जिला उद्योग केन्द्र से परमिशन लेना होगा
  • बिजली विभाग, क्योंकि आपको industrial electricity connection लेना पड़ सकता है
  • Sales Tax Department for TIN /GST
  • Fire Department
  • Pollution Department
  • Labour office
  • ESI
  • PF
  • Income Tax
  • Weights and measures department

इस बिजनेस को करने में major challenges क्या-क्या हैं?

  • ज्यादातर उद्योगों की तरह इस उद्योग में भी skilled man-power का मिलना आसान नहीं होता. आपको हर समय स्किल्ड स्टाफ और उसके रिप्लेसमेंट के लिए तैयार रहना पड़ता है.
  • चूँकि ये फ़ूड आइटम का बिजनेस है इसलिए सही अनुमान लगा कर प्रोडक्शन करना भी एक चुनौती है, कम बनाया तो डिमांड पूरी नहीं हो पाएगी और अधिक बनाया तो खराब होने का डर.
  • इसके अलावा बेकरी बिस्कुट में लगने वाले रॉ मटेरियल का दाम तेजी से ऊपर नीचे हो सकता है जबकि आप उस हिसाब से अपने रेट नहीं बदल सकते.
  • Competition: चूँकि इस क्षेत्र में पहले से ही छोटी-बड़ी कई कम्पनियां हैं इसलिए आपको अपने लिए जगह बनाना इतना आसान नहीं होगा.

मुनाफा कैसे बढाएं:

इस तरह का बिजनेस करने वाले बहुत से लोग समय के साथ अपने portfolio का विस्तार करते जाते हैं. For example: बिस्कुट से धंधा शुरू किया और धीरे-धीरे-

रस्क,  ब्रेड,  फैन  इत्यादी भी बनाने लगे.

इससे आपके कस्टमर्स के पास आर्डर करने के लिए ज्यादा आइटम्स होते हैं और आप भी उन्ही मशीनों और स्टाफ  के प्रयोग से नए आइटम्स तैयार कर अपना प्रॉफिट बढ़ा सकते हैं.

इसके अलावा हर छोटी-बड़ी कॉस्ट को control करके आप बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.

हर महीने इसे बिजनेस को run करने में लगभग कितना खर्च आएगा?

हर मामले में ये नंबर अलग होगा फिर भी मैं एक अनुमान देने की कोशिश करता हूँ, आप अपने हिसाब से इसको total करके अपने लिए एक estimate निकाल सकते हैं.यह अलग अलग जगह के लिए अलग अलग हो सकता है

अगर  आपकी फैक्ट्री 8 घंटे रोज के हिसाब से महीने में 26 दिन चलती है तो इस बिजनेस रन करने के लिए आपको हर महीने इन खर्चों को वहन करना होगा:

  • रेंट – ये 5000 से 30000 या उससे भी अधिक हो सकता है
  • स्टाफ की सैलरी + overtime 40 से 50 हज़ार
  • रॉ मटेरियल का खर्च as per production होगा
  • बिजली बिल = 15000
  • ओवन और जेनसेट चलाने में डीजल का खर्च: 3- 5 ltr /hr for Generator SET and 6-8 ltr /hr for oven
  • पैकेजिंग मटेरियल कॉस्ट : 1 गत्ता 10 रु, प्लास्टिक 200-250 per Kg, Tape: Rs. 1 per गत्ता
  • Machine Maintenance: शुरू में कम पर बाद में करीब 10000 monthly
  • Sugar पीसने के लिए आपको मशीन रखनी होगी नहीं तो बाहर पिसवाने का Rs. 4 per Kg charge देना होगा
  • Miscellaneous : 5000 – 10000 रु

इस बिजनेस से कितना कमाया जा सकता है?

ये बात बहुत से फैक्टर्स पर depend करती है इसलिए कोई नंबर दे पाना संभव नहीं है. बस इतना समझ लीजिये कि इसमें महीने का 40-50 हज़ार कमाने वाले भी हैं तो 4-5 लाख कमाने वाले भी और हर बिजनेस की तरह इसमें गंवाने वालों की भी कमी नहीं, मतलब उनका बिजनेस घाटे में चला जाता है और ultimately बंद हो जाता है.

छोटे से शुरू करिए लेकिन समय के साथ साथ variety बढाते जाइए, जिससे आपका मुनाफा बढ़ता जाएगा और काम करने में interest भी बना रहेगा.

और अंत में कहना चाहूंगा की कदम बढ़ने की जरुरत है तभी आप एक एंटरप्रन्योर बन पाएंगे या उस दिशा में बढ़ पाएंगे …सफलता दूर नहीं है ९९% लोग अपनी मंजिल पहुंचने के अंतिम कदम से लौट आते हैं.

Enjoy your success

www.santoshpandey.in

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