Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

स्वच्छ भारत ऐसा जैसा अमेरिका सीरीज -2 बदलाव आपको लाना है !

दोस्तों ,

 सीरीज के दूसरे पार्ट में आपको कहूंगा आप कमेंट बॉक्स में लिखिए और सुझाव दीजिये की किस प्रकार हम भी वह स्टैण्डर्ड हमारे देश में ला सकते हैं नामुमकिन तो बिलकुल नहीं उन्होंने ऐसा किया है तो हम भारतीय भी कर सकते हैं 

इस बार हमे  सफाई के बारे में सोचना  नहीं है बल्कि करना है ..हम युवा यदि एक बार dil से चाह लें तो कोई कार्य नामुमकिन नहीं ..पहली बार ही सही हमे करना होगा ..इसमें  कोई दो राय  नहीं की हमे नहीं चाहकर भी करना ही होगा ..हमे भी अमरीका बनना है

हम नहीं चाहते की घर  के सामने डस्ट ,कूड़ा  , बोतलें ,प्लास्टिक ,पान की पीक बगैरह बगैरह ..नहीं चाहिए हमे रोड पर बजबजाती  नालियां ,कूड़े के ढेर  ,खाने के अवशेष .मरे जानवरों  की दुर्गन्ध , गोबर से सनी  सड़के, घूमते आवारा पशु , गायें ,कुत्ते ,

हाँ  नहीं चाइये  गंदे  सफाई करने वाले घूसखोर कामचोर दुष्ट कर्मी , नालायक ठीकेदार , भ्रष्ट अफसर , बेकार निगम . जीहां सही पढ़ा आपने ..यही हम देखते हैं रोज रोज और इन सब से पहले हम khud जो इनको बड़ी मजबूरी से रोज देखते हैं और कुछ नहीं कर पाने का रोना रोते है ..हाँ मैं चाहते हूँ की यह लेख आपको बुरा लगे ताकि आप जाग सकें …

सबसे बड़े कमजोर हम हैं और स्वछता के राह में सबसे बड़े दुश्मन  भी हमी हैं ..लेकिन अब ऐसा नहीं होगा

करना तो आप को ही पड़ेगा और मुझे भी ..मैंने  तो शुरू कर दिया है आप कब  जागोगे यह देखना  है

.अगली कड़ी में जब आपको अमरीका की सफाई की आँखों देखी आप पढ़ने लगेंगे तब शायद आपको शर्म आना शुरू हो और हो सकता है आप इस गंदगी से निकलने की सोचें

अब यहाँ मैं भाषण देने नहीं आया न ही आप पढ़ के भूल जाने के liye ….यदि आप लेख पढ़ रहे हैं तो आप भी उन्ही देश भक्तों में से हैं जो सफाई के मांमले में अमरीका  या उससे भी आगे जाने की सोचते हैं ..

लेकिन फिर यही कहूंगा सोच के कुछ नहीं होता ..न ही हम सिस्टम बदल सकते हैं ..हम अपने आपको बदल सकते हैं ..जी हाँ आप सही सोच रहें हैं …..सही दिशा में सोच रहे हैं ….आप कर सकते है ..कम से कम अपना घर और अपना मोहल्ला …अपना शहर कुछ भी कहीं भी ..जहाँ भी दिखे गन्दगी  ….

साफ़ कराइये या साफ़ करिये   ..दूसरा कोई चारा नहीं …आप यदि सफाई कर्मचारी से कहेंगे तो आप को वो गाली देगा …क्यूंकि आप उसकी सोच बदलने का प्रयास कर रहे हैं …बदलाव  का बिरोध  तो शाश्वत   सत्य है …आप कौन से खेत की मूली हैं

हाँ आपको सुन के गन्दा लगेगा ..यही तो साफ़ करना है ..विचारों को ….विचार बदल दिया तो सफाई भी दिखेगी ..दोनों जगह ..    

अरे भाई साहब , करना आप को ही है ….अगले  इस सीरीज के पोस्ट में आप मूल विषय पर आएंगे  ..यदि लगता  है  की हमको आने वाली  पीढ़ियों के लिए  कुछ करना है तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपना नाम लिखिए और मेरा समर्थन कीजिये और इस पर आपकी क्या राय है बताइये ?

क्रमशः…………..

Santosh Pandey

“स्वच्छ भारत ऐसा जैसा अमेरिका सीरीज 1: आपका सहयोग चाहिए ” पहले ये लेख पढ़िए फिर यहाँ आइये

Announcement List

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *